मुंबई, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री राधिका आप्टे ने अपने करियर में पहली बार निर्णायक होने का अनुभव महसूस किया। उन्होंने इस अनुभव को काफी मजेदार और चुनौतीपूर्ण बताया।
यहां जारी 17वें जियो एमएएमआई मुंबई फिल्मोत्सव में राधिका डायमेंशन्स मुंबई के निर्णायक सदस्यों में से एक रहीं, जो इस फिल्मोत्सव में लघु फिल्म प्रतियोगिता है।
राधिका ने आईएएनएस से कहा, “यह काफी चुनौतीपूर्ण था। निर्णायक सदस्यों में से एक होना और फिल्मों को आंकना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन हम निर्णायक मंडली के प्रमुख दिबाकर बनर्जी के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने हमें इस दुविधा से उबारने में मदद दी।”
राधिका ने फिल्मों के आकलन को मजेदार अनुभव करार देते हुए बताया, “हमने कुल 23 लघु फिल्में देखी। यह पूरा अनुभव तारोताजा कर देने वाला था। हमने काफी अच्छी फिल्में देखीं। ये रोजमर्रा की फिल्मों से अलग थीं।”
डाईमेंशन्स मुंबई शहर की उभरती प्रतिभा को एक मंच देने के लिए शुरू की गई पहल है।
राधिका के साथ निर्णायक मंडली के सदस्यों में परिणिति चोपड़ा, जूही चतुर्वेदी और सूरज शर्मा भी थे।
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