पटना, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘तीन तलाक’ के मामले पर तुष्टीकरण की नीति के कारण मुस्लिम कठमुल्लाओं के सामने घुटना टेक दिए हैं।
मोदी ने पटना में कहा कि राजगीर में जनता दल (युनाइटेड) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री का ‘तीन तलाक’ के मामले में दिया गया बयान मुस्लिम महिलाओं का अपमान है।
उन्होंने कहा कि तीन तलाक खत्म करने का मामला कोई भाजपा ने नहीं, बल्कि मुस्लिम महिला संगठनों की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में उठाया गया है। केंद्र सरकार ने तो न्यायालय के निर्देश पर महिलाओं के सम्मान, स्त्री-पुरुष समानता और धर्म की आड़ में महिलाओं के अधिकारों के हनन पर केवल अपना मंतव्य दिया है।
भाजपा नेता ने सवालिया लहजे में कहा कि नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि अगर सती प्रथा जैसी बुराइयों को समाज पर छोड़ दिया गया होता तो यह कुप्रथा कभी समाप्त हो पाती? लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने और हिंदू कोड बिल पर यदि हिंदुओं के विरोध का ध्यान रखा जाता तो क्या ये कानून कभी लागू हो पाता? क्या समाज में कोई भी बदलाव विरोध के डर से नहीं होना चाहिए?
गौरतलब है कि राजगीर में जद (यू) की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘तीन तलाक’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह मुद्दा मुस्लिम धर्मगुरुओं पर छोड़ देना चाहिए।
नीतीश ने देश में समान नागरिक संहिता को गैरजरूरी बताते हुए कहा कि विविधता ही अपने देश की खासियत है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, “आप समान नागरिक संहिता बनाने और तीन तलाक को खत्म करने वाले कौन होते हैं?”
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