नई दिल्ली, 7 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को प्र्वतन निदेशालय (ईडी) से नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड द्वारा दाखिल याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा। कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ याचिका दाखिल की है।
न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति आई.एस. मेहता की पीठ ने ईडी को मामले से संबंधित घटनाओं की कड़ियों समेत पूरे विवरण को दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई को 19 मार्च के लिए सूचीबद्ध कर दिया है।
अदालत ने कहा कि फिलहाल उसके पास मामले का अधिक विवरण नहीं है और कंपनी के वकील को भी मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है।
पीठ ने हालांकि ईडी की जांच और नीरव मोदी कंपनी की संपत्तियों को जब्त करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड ने मंगलवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया था और नीरव मोदी की चल संपत्तियों को जब्त करने और उन्हें पीएनबी में जमा कराने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
इसके साथ ही उसने तलाशी वॉरेंट व तलाशी से संबंधित अन्य दस्तावेजों और ईडी द्वारा जब्त की गई चीजों की एक प्रति की मांग की है।
ईडी ने अभी तक नीरव मोदी और गीतांजलि समूह के उनके रिश्तेदार मेहुल चौकसी की छह हजार करोड़ रुपये के मूल्य की संपत्ति जब्त की है।
हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनके रिश्तेदार मेहुल चौकसी पर पीएनबी के साथ 12,600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
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