जेरूसलम, 13 अगस्त (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को तेल अवीव में संसद द्वारा इजरायल को यहूदियों का देश घोषित करने के विवादास्पद कानून को हाल ही में दी गई मंजूरी के विरुद्ध आयोजित रैली की आलोचना की।
नेतन्याहू ने शनिवार को तेल अवीव में आयोजित उस रैली की आलोचना की जिसमें हजारों लोगों ने इस कानून के विरुद्ध हिस्सा लिया था। इनमें से अधिकांश अरब अल्पसंख्यक थे।
समाचार एजेंसी एफे के अनुसार नेतन्याहू ने सप्ताहिक कैबिनेट बैठक में कहा, “हमने तेल अवीव के दिल में पीएलओ (पेलेस्टाइन लिबरेशन आर्गनाइजेशन) का झंडा देखा। हमने नारे सुने, जिसमें खून देकर भी, आग लगाकर भी फिलिस्तीन को मुक्त कराने की बात कही गई।”
उन्होंने कहा, “कई प्रदर्शनकारी वापस आने के कानून (लॉ ऑफ रिटर्न) को समाप्त करना चाहते हैं, राष्ट्रीय गीत को रद्द करना चाहते हैं। कई प्रदर्शनकारी इजरायल की यहूदी लोगों के देश के रूप में मान्यता समाप्त करना चाहते हैं और उनके प्रवक्ता के मुताबिक इसे बदलकर इजरायल-फिलिस्तीन राज्य बनाना चाहते हैं।”
इस विविदास्पद कानून को 19 जुलाई को स्वीकृत किया गया था, जिसके अंतर्गत इजरायल को यहूदियों का देश माना गया और केवल यहूदियों को आत्मनिर्णय का अधिकार दिया गया। इसके साथ ही अरब को आधिकारिक भाषा के तौर पर हटा दिया गया।
आबादी का 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करने वाले अरब अल्पसंख्यकों ने कानून को भेदभावपूर्ण बताया और ड्रज समुदाय के प्रदर्शन के एक हफ्ते बाद कानून के विरोध में एक रैली आयोजित की।
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