भोपाल-नेपाल-तिब्बत सीमा पर भीषण फ्लैश फ्लड से हुई तबाही का दर्द मध्य प्रदेश के भोपाल तक पहुंच गया है. राजधानी के कोलार इलाके की रहने वाली देवकी अधिकारी का पूरा परिवार नेपाल में आई बाढ़ के बाद से लापता है. लापता लोगों में एक-दो या तीन नहीं, परिवार के पूरे 29 सदस्य शामिल हैं. 26 अगस्त के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
भीषण फ्लैश फ्लड ने नेपाल-तिब्बत सीमा के असपास सबकुछ तबाह कर दिया है. बाढ़ से यहां मरने वालों की संख्या 400 के करीब पहुंच गई है. साथ ही 1,300 से अधिक लोग लापता बताए जा रहें. नेपाल सरकार के अनुसार, बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और कैलाश मानसरोवर यात्री प्रभावित हुए हैं. करीब 290 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं. नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसियां, सेना और पुलिस लगातार राहत व बचाव अभियान चला रही हैं.
एक परिवार के 29 सदस्य नेपाल के रसुवा जिले में स्थित गोसाईकुंडा तीर्थ गए थे. यात्रा में जाने वालों में जेठ-जेठानी, देवर-देवरानी, दीदी-जीजा समेत अन्य लोग शामिल थे. इस दौरान वे लोग नेपाल में आई बाढ़ में फंस गए. इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल रहा है.
नेपाल में तबाही के मंजर के बीच परिवार के 29 लोगों की कोई खबर नहीं मिलने से देवकी और उनके परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है. उन्हें उम्मीद है कि नेपाल में फंसे उनके सभी अपने सुरक्षित होंगे और जल्द ही उनकी कोई सूचना मिलेगी. परिजन लगातार नेपाल में अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर उनके बारे में जानकारी जुटा रहे हैं.
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