नई दिल्ली, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी(माकपा) ने मोदी सरकार से नेपाल में हुए संसदीय और प्रांतीय चुनाव में वहां वामपंथी गठबंधन की जीत पर इस देश के साथ संबंध के बारे में दोबारा विचार करने का आग्रह किया है।
नई दिल्ली, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी(माकपा) ने मोदी सरकार से नेपाल में हुए संसदीय और प्रांतीय चुनाव में वहां वामपंथी गठबंधन की जीत पर इस देश के साथ संबंध के बारे में दोबारा विचार करने का आग्रह किया है।
माकपा ने अपने मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रेसी के संपादकीय में कहा, “नेपाल में महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव के बारे में दोबारा सोचने और नेपाल के प्रति भारत के रवैये को बदलने की जरूरत है।”
संपादकीय के अनुसार, “मोदी सरकार को नेपाल के आंतरिक मामले में अहस्तक्षेप की नीति और सहयोग आधारित निकट संबंध स्थापित करना चाहिए।”
संपादकीय के अनुसार, “नेपाल में नेकपा-एमाले, नेकपा-माओवादी सेंटर की जीत राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण बदलाव है जिसका दक्षिण एशिया में भी अपना प्रभाव पड़ेगा।”
नेपाल में वामपंथी गठबंधन ने 2015 में अंगीकृत नए संविधान के अंतर्गत हुए चुनावों में निर्णायक बहुमत हासिल की है। सात प्रांतीय विधानसभा में से भी छह में वाम मोर्चे ने जीत दर्ज की है।
माकपा ने कहा, “वाम मोर्चे की जीत से मोदी सरकार में कुछ बेचैनी व संदेह पैदा हुआ है। भारत सरकार नेपाल को हमेशा अपने प्रभाव के अंतर्गत अपना एक कनिष्ठ(जूनियर) साथी मानती है।”
माकपा ने मोदी सरकार से इस बात को स्वीकारने का आग्रह किया कि नेपाल अपने दो बड़े पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण रिश्ता रखना चाहता है।
पार्टी ने नई दिल्ली से चीन के बेल्ट व रोड पहल में सहयोग करने के नेपाल के निर्णय को संदेह की निगाह से नहीं देखने और भारत-नेपाल के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में सहज संबंध मजबूत करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
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