भोपाल, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में आई भूकंप की त्रासदी में फंसे मध्य प्रदेश के 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें से 23 लोग देश की सीमा में पहुंच चुके हैं और उन्हें घरों तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं जबकि एक व्यक्ति बेस केंप में सुरक्षित है।
राज्य से पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करने बड़ी संख्या में लोग काठमांडू गए थे, इन लोगों में से 23 लोगों और ट्रैकिंग के लिए गए एक व्यक्ति के लापता होने की खबरें सामने आई थी, जिस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक दल नेपाल के काठमांडू भेजा था ताकि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके।
जनसंपर्क विभाग द्वारा बुधवार को जारी किए गए बयान में बताया गया है कि मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आलोक पटेरिया तथा सत्कार अधिकारी सुनील पसरीचा के नेतृत्व में काठमांडू गए दल ने मंगलवार को लापता हुए 23 लोगों को काठमांडू से बस द्वारा रवाना किया।
लापता लोगों में से शहडोल निवासी 20 लोगों का दल सोनौली बार्डर पार कर गोरखपुर पहुंच गया है। इसी प्रकार छपारा, सिवनी के बंशीलाल डहेरिया का परिवार, जिसमें उसकी पत्नी और बेटी शामिल हैं, मंगलवार रात बस द्वारा नेपाल की सीमा पार कर बिहार बार्डर पर पहुंचा। वहां से स्थानीय प्रशासन की मदद से उनकी सुरक्षित गृह नगर वापसी की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
इसी तरह सतना निवासी रत्नेश पांडे अन्तर्राष्ट्रीय टीम के साथ ट्रैकिंग के लिए नेपाल गया था, मगर 25 अप्रैल को आए भूकंप में वह भी लापता हो गया था। उन्हें 27 अप्रैल को ही शासकीय हेलीकाप्टर द्वारा दल सहित बचा लिया गया था। पांडे नेपाल के बेस केम्प में सुरक्षित हैं।
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