लखनऊ, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में आए विनाशकारी भूकम्प के बाद से उत्तर प्रदेश की सरकार ने अब तक करीब 15 हजार लोगों को भूकंप प्रभावित क्षेत्रों से निकाला है। उन्हें गोरखपुर के ट्रांजिट कैंपों में लाया जा रहा है और वहां से उन्हें उनके घरों तक भिजवाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही 30 विदेशी पर्यटक भी नेपाल से उत्तर प्रदेश पहुंचे। उप्र राहत आयुक्त लीना जौहरी ने यह जानकारी दी।
नेपाल में आए भूकंप के बाद पीड़ित को निकालने का काम लगातार जारी है। सरकार ने इसके लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय को ट्रांजिट प्वाइंट बनाया है।
उप्र राहत आयुक्त लीना जौहरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नेपाल से उप्र आने वाले भूकम्प पीड़ितों की सरकार हरसंभव मदद कर रही है। उप्र के रास्ते अभी तक लगभग 15 हजार लोग वापस आ चुके हैं। इनमें कुछ लोग सरकारी बसों से और कुछ लोग सोनौली सीमा से अन्य साधनों से यहां पहुंचे।
जौहरी ने बताया, “नेपाल से जो भी भूकम्प पीड़ित उप्र आ रहे हैं उनके ठहरने की व्यवस्था की गयी है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक कैंप बनाया गया है और यहीं पर सभी को रखा गया है। यहां लोगों को हर तरह की मदद दी जा रही है।”
जौहरी के मुताबिक गोरखपुर पहुंचने वाले भूकम्प पीड़ितों में बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लोग शामिल हैं। इन्हें उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था अधिकारियों की ओर से करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि आज भी नेपाल के लिए राहत सामग्री रवाना की गई। इनमें बिस्किट, मिनरल वाटर, दवाइयां, मिल्क पाउडर, दाल, चावल, कम्बल, क्लोरीन की टैबलेट सहित कई जरूरी वस्तुएं शामिल हैं।
जौहरी ने बताया कि अभी तक 30 विदेशी पर्यटक भी वहां से सकुशल उप्र पहुंचे हैं। उन्हें वापस भेजने के लिए ट्रांजिट वीजा की भी व्यवस्था की जा रही है।
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