हालांकि, बाद में सफाई देते हुए आईजी ने कहा, “शिकायतकर्ता का नाम एफआईआर में दर्ज है, जिसे अदालत में भी पेश किया गया है। नाम बताने के पीछे मेरा इरादा उन्हें सार्वजनिक करना नहीं है।”
उन्होंने ये भी कहा कि एफआईआर की कॉपी कोर्ट में भी पेश की गई है, जो आमतौर पर सभी के पास होती है।
इससे पहले बुलंदशहर सामूहिक दुष्कर्म के तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस ने संवाददाता सम्मेलन में विस्तार से जानकारी देते हुए आरोपियों की पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे किए।
आईजी ने कहा, “सवाल उठ रहा है कि यह घटना रात में हुई तो अंधेरा होने के बावजूद पीड़ितों को आरोपियों का चेहरा कैसे दिख गया? दरअसल, आरोपी जब पीड़ित परिवार की कार के पास गए तो दरवाजा खोलने पर उसकी लाइट जली, जिसमें पीड़ितों ने आरोपियों के चेहरे देखे।”
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