नोटबंदी, मोदी के ‘भ्रष्टाचार’ के खिलाफ आंदोलन 6 से : कांग्रेस

नई दिल्ली, 29 दिसम्बर (आईएएनएस)। संसद में सत्तापक्ष की नाक में दम करने के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को घोषणा की कि वह नोटबंदी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छह जनवरी से राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “नोटबंदी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस जनवरी से तीन चरणों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत करेगी। आंदोलन का पहला चरण छह जनवरी से शुरू होगा।”

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सहारा तथा बिड़ला कंपनी से 65 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है, तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

सुरजेवाला ने कहा, “हम एक साधारण सा सवाल पूछ रहे हैं। आपने पैसे लिए या नहीं? यदि नहीं, तो आप इसकी स्वतंत्र जांच का आदेश क्यों नहीं दे रहे।”

उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके सुरेश मेहता ने कहा था कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब महेश शाह बिना किसी रोक-टोक के अक्सर उनसे मिलने जाता था।”

शाह ने आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 13,860 करोड़ रुपये के काले धन को घोषणा की थी।

सुरजेवाला ने कहा, “मोदी हमें 13,860 करोड़ रुपये के पीछे का रहस्य क्यों नहीं बता रहे। क्या वह इसकी कोई जांच करा रहे हैं?”

उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में एक कार में पाए गए पुराने नोटों के बारे में कहा गया है कि उसका संबंध राज्य में मंत्री पंकजा मुंडे तथा सुभाष देशमुख से थे।

कांग्रेस नेता ने कहा, “क्या मोदी देश के लोगों को यह बताने जा रहे हैं कि सुभाष देशमुख की कार से किस प्रकार 51.50 लाख रुपये नकद जब्त किए गए? क्या इसकी कोई जांच होगी?”

सुरजेवाला ने कहा कि बिना किसी सबूत के कांग्रेस नेता सचिन पायलट तथा अशोक गहलोत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा, “क्या वह इन आरोपों की जांच कराएंगे?”

उन्होंने कहा, “नोटबंदी के कारण कम से कम 115 लोगों की मौत हो चुकी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) रिवर्स बैंक ऑफ इंडिया बन चुका है और इन 50 दिनों के दौरान 135 बार नियम बदले गए।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “मोदी ने जो भी वादा किया उसके उलट 50 दिनों की समय सीमा खत्म होने के बाद भी लोगों की परेशानी बरकरार है। वस्तुत: अर्थव्यवस्था से निकाले गए 86 फीसदी नोटों की छपाई करने में 7-8 महीने का समय लगेगा।”

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