नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। वर्तमान के साथ-साथ उभर रहे संचालगत और कामकाज संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय राजधानी में 25 से 27 अक्टूबर तक नौसेना के शीर्ष कमांडरों का सममेलन होगा।
नौसेना के कमांडरों का सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन और तनाव जारी है।
एक बयान में कहा गया है, “हाल की घटनाओं की पृष्ठभूमि में सम्मेलन का महत्व बढ़ गया है। इन घटनाओं से देश की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित हो गया है।”
बयान में आगे कहा गया है, “व्यापक परिप्रेक्ष्य में, भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा की समग्र स्थिति के मद्देनजर भारत के विस्तृत पड़ोस में भारतीय नौसेना को राष्ट्रीय हित को बढ़ावा देने और सुरक्षित करने की जरूरत है।”
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर सम्मेलन को संबोधित करेंगे और इसका इस्तेमाल नौसेना के बड़े अधिकारियों और अन्य सरकारी अधिकारियों के बीच बातचीत के लिए एक मंच के रूप में किया जाएगा।
नौसेना की बल स्तरीय भावी योजना के हिस्से के रूप में सम्मेलन में मेक इन इंडिया के तहत उठाए गए कदमों की श्रृंखला की जांच की जाएगी और वर्तमान बड़ी चुनौतियों पर काबू पाने के लिए रक्षा खरीदों को आगे स्वदेशी बनाने के बारे में संस्तुति की जाएगी।
‘असैनिक कर्मियों के वर्ष’ के रूप में चिन्हित साल 2016 की गतिविधियों की प्रगति की भी सम्मेलन में समीक्षा की जाएगी।
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