नई दिल्ली, 7 मार्च (आईएएनएस)। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर.के.धवन 7 से 10 मार्च तक ब्रिटेन के दौरे पर जा रहे हैं। उनकी इस यात्रा से वर्तमान समुद्री सहयोग मजबूत होगा और नए रास्ते खुलेंगे।
एडमिरल धवन की ब्रिटेन यात्रा का लक्ष्य नवंबर 2015 में प्रधानमंत्री की ब्रिटेन यात्रा के दौरान प्रस्तुत विजन वक्तव्य को आगे बढ़ाना है।
अपनी यात्रा के दौरान एडमिरल धवन ब्रिटेन के रक्षामंत्री, फस्ट सी लॉर्ड रक्षक सेवा के प्रमुख तथा शाही नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श करेंगे।
भारतीय नौसेना का ब्रिटेन की शाही नौसेना के साथ परंपरागत संबंध रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध को बढ़ाने के लिए विभिन्न रक्षा मंच बने। 1995 में भारत-ब्रिटेन रक्षा सलाहकार समूह (डीसीजी) और मिल्रिटी उपसमूह (एमएसजी) की स्थापना के साथ रक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के लिए सहयोग की द्विस्तरीय प्रणाली स्थापित हुई।
सितंबर 2004 में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी के लिए एक समझौता किया। इसमें रक्षा सहयोग प्रमुख था। दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रमुख व्यवस्था है, कार्यकारी संचालन समूह (ईएसजी)।
भारतीय नौसेना और शाही नौसेना हिन्द महासागर नौसेना सिमपोजियम (आईओएनएस) में साझेदार हैं। 2008 में भारतीय नौसेना द्वारा समुद्री सहयोग की अवधारणा विकसित की गई। कोंकण-15 अभ्यास 5 सितंबर से 11 सितंबर 2015 को ब्रिटिश तट प्लेमाउथ में किया गया। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच अभ्यास की श्रृंखलाओं में एक था। दोनों देशों की नौसेनाओं ने प्रशिक्षण, सैद्धांतिक अवधारणा, समुद्री क्षेत्र जागरुकता (एमडीए) जैसे अनेक विषयों पर संवाद किया।
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