वाशिंगटन, 10 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका में न्यू हैंपशायर प्राइमरी (राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए होने वाली प्रक्रिया) में रिपब्लिकन पार्टी में डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी में बर्नी सैंडर्स विजयी रहे हैं।
वाशिंगटन, 10 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका में न्यू हैंपशायर प्राइमरी (राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए होने वाली प्रक्रिया) में रिपब्लिकन पार्टी में डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी में बर्नी सैंडर्स विजयी रहे हैं।
ट्रंप और सैंडर्स दोनों को ही ‘बाहरी उम्मीदवार’ यानी ऐसे उम्मीदवार माना जा रहा है, जो अपनी-अपनी पार्टियों में मुख्यधारा का हिस्सा नहीं हैं। इन दोनों की जीत से यह साफ लग रहा है कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया इस बार लंबी खिंचने वाली है।
अपनी भड़काऊ बातों के लिए विवादों में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी ट्रंप आयोवा कॉकस में दूसरे स्थान पर रहे थे। लेकिन, न्यू हैंपशायर में जीत हासिल कर उन्होंने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि वह रिपब्लिकन पार्टी में प्रत्याशी बनने के सभी दावेदारों में सबसे आगे हैं।
80 फीसदी मतों की गणना होने तक ट्रंप को 34.5 फीसदी मत मिल चुके थे। यह चुनाव में दूसरे नंबर पर आए ओहियो गवर्नर जान कासिच को मिले 16.4 फीसदी मतों के दोगुने से भी अधिक है।
डेमोक्रेटिक पार्टी में हिलेरी क्लिंटन को बर्नी सैंडर्स के हाथों करारी शिकस्त मिली है। चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में यही सामने आया था कि न्यू हैंपशायर में स्वघोषित समाजवादी सैंडर्स, हिलेरी से काफी आगे चल रहे हैं। चुनाव में भी यही नतीजा मिला। 80 फीसदी मतों की गिनती होने तक सैंडर्स को 59.4 फीसदी मत मिले थे। जबकि, हिलेरी के खाते में महज 38.5 फीसदी मत आए।
जीत के बाद ट्रंप मंच पर चौड़ी मुस्कान के साथ आए। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “वाव, वाव, वाव, हम अमेरिका को फिर से महान बनाने जा रहे हैं।”
सैंडर्स का गला बैठा हुआ था। लेकिन, जोश उनका भी कम नहीं था। उन्होंने भावुक भाषण दिया। उन्होंने कहा, “आज की रात हमने एक ऐसा संदेश दिया है, जिसकी गूंज वाल स्ट्रीट से वाशिंगटन तक सुनाई देगी।”
हिलेरी अपने भाषण में अर्थव्यवस्था पर सैंडर्स की चिंताओं को शामिल करती दिखीं। उन्होंने मध्यवर्ग के सामने पेश चुनौतियों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, “हम अपने अभियान को पूरे देश में ले जाएंगे। हम हर राज्य में हर एक वोट के लिए लड़ेंगे। लोगों को नाराज होने का हक है। लेकिन, वे भूखे भी हैं। उन्हें मसलों के हल की भूख है।”
उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि वाल स्ट्रीट (अमेरिका का वित्तीय जगत) पर काबू पाया जाए। इस बारे में सैंडर्स के क्रांतिकारी विचारों को अव्यावहारिक बताने का संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि लेकिन, उन्हें पता है कि वाल स्ट्रीट पर काबू कैसे किया जा सकता है।
रिपब्लिकन पार्टी में ट्रंप की जीत प्रत्याशित थी। दिलचस्पी इसमें ज्यादा थी कि दूसरे नंबर पर कौन आता है। यह स्थान कासिच को मिला।
सीएनएन का कहना है कि सैंडर्स और ट्रंप की जीत मतदाताओं में पेशेवर और सत्ता-पार्टी प्रतिष्ठानों से जुड़े नेताओं के प्रति असंतोष की भी अभिव्यक्ति मानी जा रही है।
लेकिन, न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा कि सच पूछें तो प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में प्रतिनिधि चुनने के मामले में न्यू हैंपशायर की हैसियत पानी से भरी बाल्टी में एक बूंद से अधिक नहीं है। अखबार ने हारने वाले प्रत्याशियों को सलाह दी है कि वे इस नतीजे को अपने सिर पर सवार न होने दें और आगे बढ़ें।
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