विशाखापत्तनम, 10 फरवरी (आईएएनएस)। विशाखापत्तनम में ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू’ में शामिल होने के लिए आए विभिन्न देशों के युद्धपोत समापन समारोह के बाद मंगलवार शाम अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए।
इस समापन समारोह में पहली बार पैसेज एक्सरसाइज (पेसेक्स) को भी किया गया।
पैसेज एक्सरसाइज (पास्सेक्स) दो देशों की नौसेना के बीच की जाने वाली एक प्रकार की कवायद या अभ्यास है, जिसमें दोनों नौसेनाओं के बीच यह सुनिश्चित किया जाता है कि वे आपसी संवाद और युद्ध या मानवीय राहत के समय में साझेदारी में सक्षम हों।
इस समारोह में शामिल विदेशी और भारतीय सहित 54 युद्धपोतों की राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा समीक्षा की गई।
समुद्री परंपरा के अनुसार, विदेशी जहाजों का उस स्थान तक मार्गरक्षण किया गया, जहां से उन्होंने अपने-अपने देशों की ओर प्रस्थान किया।
नौसेना के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा, “इस पेसेक्स का लक्ष्य विदेशी नौसेनाओं के साथ सहयोग और सौहार्द्र को अधिक से अधिक रूप में बढ़ावा देना है, जिसमें पारस्परिकता को बढ़ाना और आईएफआर के लिए अपेक्षित परिचालन तत्व प्रदान करना शामिल है।”
इस पैसेज एक्सरसाइज को दो समूहों में किया गया, जिसमें भारतीय नौसेना के विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विराट ने हिस्सा लिया।
इस पेसेक्स में प्रत्येक समूह में 27 जहाजों को शामिल किया गया। आईएनएस विक्रमादित्य वाले पहले समूह का नेतृत्व रियर एडमिरल और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वेस्टर्न फ्लीट रवनीत सिंह ने किया।
आईएनएस विराट वाले दूसरे समूह का नेतृत्व रियर एडमिरल और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट एस. वी. भोकारे ने किया।
अधिकारी ने कहा, “पेसेक्स का अभूतपूर्व स्तर और प्रायोजन समुद्री क्षेत्र में भारत की प्रगति का संकेत देता है और यह वह पुल है, जिसे भारतीय नौसेना द्वारा इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के आदर्श वाक्य ‘युनाइटेड थ्रू ओशन्स’ को प्राप्त करने के लिए बनाया गया है।”
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