चंडीगढ़, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के चार प्रमुख लेखकों ने बढ़ती असहिष्णुता और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए रविवार को घोषणा की कि वे उन्हें प्रदान किए गए साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा रहे हैं।
चंडीगढ़, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के चार प्रमुख लेखकों ने बढ़ती असहिष्णुता और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए रविवार को घोषणा की कि वे उन्हें प्रदान किए गए साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा रहे हैं।
जिन लेखकों ने अपने साहित्यिक पुरस्कार लौटाने की घोषणा की, उनमें अजमेर सिंह औलख, आतमजीत सिंह, गुरबचन भुल्लर और कनाडा में रह रहे लेखक वरयाम संधू शामिल हैं।
लेखकों ने कहा है कि वे कर्नाटक में अगस्त में की गई लेखक एम.एम. कलबुर्गी की हत्या और 2013 में हुई नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के खिलाफ अपने पुरस्कार लौटा रहे हैं।
साहित्यकारों ने जोर देकर कहा कि वे अभिव्यक्ति की आजादी के प्रति असहिष्णुता के स्तर से चकित हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र आवाज और लेखन को कुचला जा रहा है।
लेखकों ने यह भी कहा कि गोमांस खाने के संदेह में एक मुस्लिम व्यक्ति की हाल ही में की गई हत्या से स्पष्ट हुआ है कि देश में एक सांप्रदायिक वातावरण तैयार किया जा रहा है।
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