नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि पंजाब विधानसभा के 4 फरवरी को होने वाले चुनाव ‘नए छोटे दलों के आगमन’ की वजह से अब दो ध्रुवीय नहीं रह गए हैं, फिर भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन चुनावों में स्पष्ट विजेता के रूप में उभरेगी।
भारतीय जनता पार्टी साल 2007 से पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन सरकार का हिस्सा है।
टीवी चैनल न्यूज18 से बातचीत करते हुए जेटली ने कहा कि वह पंजाब में आम आदमी पार्टी के अस्तित्व से इनकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह एक खतरा नहीं है।
जेटली ने कहा, “दिल्ली में कुशासन की वजह से और पंजाब में की गई कई गलतियों की वजह से आप की लोकप्रियता में काफी कमी आई है। मैं यह नहीं कहता कि आप का पंजाब में अस्तित्व नहीं है, लेकिन यह कुछ सीटों पर ही प्रासंगिक है।”
उन्होंने कहा, “दूसरी तरफ, भाजपा को कुछ मामलों में बढ़त है। उदाहरण के तौर पर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार जनता के बीच काफी लोकप्रिय है। पंजाब में भी विकास के मानदंडों के अनुरूप सुधार आया है।”
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह से वरिष्ठ भाजपा नेता जेटली साल 2014 में अमृतसर से लोकसभा चुनाव में हार गए थे।
बादल परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार और नशीली दवाओं के व्यापार से जुड़े आरोपों पर जेटली ने कहा, “यह सिर्फ एक धारणा है और उनकी संलिप्तता से जुड़ा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है।”
जेटली ने कहा कि इस सीमावर्ती राज्य में नशीली दवाओं से जुड़े खतरे से निपटने के लिए कानून-व्यवस्था मशीनरी और समाज को मिलकर काम करने की जरूरत है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि ज्यादा पुनर्वास केंद्र स्थापित कि ए जाने चाहिए।
क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के बयान कि वह जन्म से कांग्रेसी है, का मजाक बनाते हुए जेटली ने कहा, “उन्हें अपने जन्म के तथ्य का अहसास काफी देर से हुआ है।”
सिद्धू ने बीते साल भाजपा को छोड़ दिया था और इस महीने कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
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