चंडीगढ़, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब विश्वविद्यालय ने पुलिस से शुल्क वृद्धि को लेकर एक दिन पहले उग्र विरोध प्रदर्शन करने वाले 66 विद्यार्थियों के खिलाफ देशद्रोह का आरोप हटाने का अनुरोध किया है।
विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी अश्वनी कौल ने पुलिस अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि मंगलवार को विश्वविद्यालय के सेक्टर-14 स्थित परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए नारे देश-विरोधी नहीं थे, बल्कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के खिलाफ थे।
पुलिस ने पहले इन 66 विद्यार्थियों के खिलाफ दंगा फैलाने का मामला दर्ज किया था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत मिलने के बाद उन पर देशद्रोह का मामला भी दर्ज कर लिया गया।
मंगलवार को विद्यार्थियों के उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों, पुलिसकर्मियों और पत्रकारों सहित 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने 52 विद्यार्थियों को हिरासत में भी लिया।
विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा शुल्क में की गई वृद्धि 2017-18 शिक्षण सत्र से लागू होगी, जिसका विभिन्न छात्र संगठन विरोध कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकारों से मिलने वाली आर्थिक मदद पर्याप्त न होने के चलते पंजाब विश्वविद्यालय बीते दो-तीन वर्षो से आर्थिक तंगी के हालात से गुजर रहा है।
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