नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। पर्यावरणविद् आर. के. पचौरी के खिलाफ दायर आरोप-पत्र का यहां की एक अदालत ने शनिवार को संज्ञान लिया। पचौरी पर ‘द इनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट'(टेरी) की एक सहकर्मी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।
महानगर दंडाधिकारी शिवानी चौहान ने आरोप-पत्र पर विचार किया। उन्होंने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 11 जुलाई तय की है।
दिल्ली पुलिस ने टेरी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष पचौरी पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इनमें महिला का शीलहरण करने के इरादे से उस पर हमला या बल प्रयोग करना, यौन उत्पीड़न, पीछा करना, आपराधिक धमकी और महिला की शील का अपमान करने के इरादे से शब्द, इशारा या काम करने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
पुलिस ने अभियोजन पक्ष में करीब 23 गवाहों व अभियुक्त और पीड़िता के बीच के कई अवतरण, ईमेल और वाट्सएप संदेशों का उल्लेख किया है।
पचौरी पर महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न करने का 2015 में आरोप लगा था। इसकी वजह से उन्हें पिछले साल फरवरी में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र अंतर सरकारी समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था। आरोप लगने के बाद वह टेरी से भी अवकाश पर चले गए थे। पचौरी तब टेरी के महानिदेशक थे।
पिछले साल जिस महिला ने पचौरी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, उसने गत नवंबर में अपने साथ खराब व्यवहार का आरोप लगाते हुए टेरी से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, टेरी ने इस आरोप से इनकार किया है।
गत आठ फरवरी को पचौरी को इस संस्थान का कार्यकारी उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसकी बहुत आलोचना होने के बाद टेरी ने 12 फरवरी को उन्हें अनिश्चितकाल के लिए अवकाश पर भेज दिया।
dharmpath.com dharmpath