नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। पर्यावरण संस्थान टेरी के कार्यकारी उपाध्यक्ष आर. के. पचौरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने आरोप-पत्र दाखिल कर दिया है।
पीड़ित महिला के वकील प्रशांत मेंदीरत्ता ने आईएएनएस को बताया, “महानगर दंडाधिकारी शिवानी चौहान की साकेत स्थित अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। उन्होंने इस मामले पर विचार के लिए 23 अप्रैल की तारीख तय की है।”
अदालत के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने पचौरी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपित किया है। इसमें शीलहरण के इरादे से महिला के खिलाफ बल प्रयोग, यौन उत्पीड़न, पीछा करना, आपराधिक धमकी, ऐसे हावभाव का प्रदर्शन या काम करना जिसका इरादा किसी महिला के सम्मान को चोट पहुंचाना हो आदि से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपों के समर्थन में सबूत के तौर पर अभियोजन पक्ष के 23 गवाह, कई एसएमएस संदेश, ईमेल और पचौरी और पीड़िता के बीच वाट्सएप पर हुए संदेशों के आदान-प्रदान का उल्लेख किया है।
पचौरी पर वर्ष 2015 में एक महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। जिसके बाद पिछले साल फरवरी में उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी समिति का अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था। इतना ही नहीं वह टेरी से लंबी छुट्टी पर चले गए। वह टेरी के महानिदेशक थे।
पचौरी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला ने पिछले साल नवंबर में टेरी से इस्तीफा दे दिया था। उसने अपने साथ खराब बर्ताव होने का आरोप लगाया था जिससे टेरी प्रबंधन ने इनकार किया था।
8 फरवरी को पचौरी को टेरी का कार्यकारी उपाध्यक्ष चुना गया। इस कदम की चौतरफा आलोचना होने के बाद टेरी ने 12 फरवरी को उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया।
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