भुवनेश्वर, 6 जून (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह छत्तीसगढ़ को महानदी नदी पर बैराज न बनाने का निर्देश दें तथा उनके राज्य तक निर्बाध जल प्रवाह को सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने निचले इलाकों में निर्बाध जल प्रवाह सुनिश्चित करने को लेकर कलमा तथा अन्य बैराजों के दरवाजे खोलने में मोदी के हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि यह ओडिशा तथा उसके निवासियों का अधिकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ ने महानदी नदी पर कलमा सहित छह बैराज बनाने का एकपक्षीय फैसला लिया।”
पटनायक ने कहा कि शिकायत करने के छह महीने बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, जिसके कारण छत्तीसगढ़ को महानदी बेसिन पर ‘विवादित परियोजनाओं’ को ‘निर्बाध’ रूप से आगे बढ़ाने का मौका मिल गया।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर चुकी है, जिसने केंद्र सरकार को न्यायाधिकरण की स्थापना के लिए निर्देश लेने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जांच करने पर पता चला कि न्यायाधिकरण की स्थापना का विरोध करने वाले छत्तीसगढ़ ने परियोजना को आगे बढ़ाया और कलमा बैराज के द्वार का निर्माण कर दिया और फिर उसे बंद कर दिया, जिससे ओडिशा में पानी का निर्बाध प्रवाह रुक गया।”
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के इस कदम से हीराकुंड जलाशय में जलस्तर घटने से गर्मी में पेयजल की कमी हो गई है, जिससे सीमाई जिले में भारी तनाव है।
पटनायक ने कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के अपने समकक्ष रमन सिंह को कलमा बैराज का द्वार फौरन खोलने के लिए तीन जून को पत्र लिखा।
उन्होंने कहा, “लेकिन, आज की तारीख तक न तो मुझे कोई आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया मिली और न ही बैराज के द्वार खोले गए।”
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