पटना, 13 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी में शुक्रवार की शाम तीन दिवसीय मैथिली साहित्य उत्सव (मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल) का शुभारंभ हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार कीर्तिनारायण मिश्र ने कहा कि ऐसा आयोजन पटना से इतर अन्य छोटे-छोटे कस्बों में भी किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि साहित्य और संस्कृति को समर्पित यह आयोजन समूचे देश के लिए एक रोल मॉडल है। नए लोगों को प्लेटफॉर्म देने की गरज से किए जा रहे इस आयोजन से बेहतर अभी कोई लिटरेचर फेस्टिवल नहीं है।
यूथ हॉस्टल में आयोजित इस कार्यक्रम का समवेत उद्घाटन वरिष्ठ साहित्यकार कीर्तिनारायण मिश्र, पद्मश्री से सम्मानित लेखिका उषाकिरण खान, रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ व सुभाष चंद्र यादव ने किया।
अध्यक्षता लेखक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र झा ने और संचालन छत्रानंद सिंह झा ने किया।
नेपाल से आए मैथिली के वरिष्ठ लेखक राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ ने दोनों देशों के मैथिली लेखकों की किताबों के आदान-प्रदान पर जोर देते हुए इस फेस्टिवल की महत्ता को रेखांकित किया।
पद्मश्री उषाकिरण खान ने आयोजन के स्वरूप को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इससे मैथिली को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाठक और सम्मान मिल रहा है। उद्घाटन सत्र में ही फेस्टिवल की स्मारिका का लोकार्पण किया गया।
उद्घाटन सत्र से पहले हाल ही में दिवगंत हुए मैथिली लेखकों- राजमोहन झा, रामकांत मिश्र, गुणानाथ झा, शकुंतला चौधरी, कुमार शैलेंद्र, यंत्रनाथ मिश्र, शंकर कुमार झा, डॉ. गणपति मिश्र एवं सत्यानंद पाठक को श्रद्धांजलि निवेदित की गई।
साहित्यकार अशोक द्वारा संचालित इस सत्र में डॉ. प्रेमलता मिश्र प्रेम प्रेम और मनोज मनुज ने अपने संमरण साझा किए।
पहले दिन के सत्र में साहित्य अकादेमी से सम्मानित उपन्यास ‘उचाट’ पर गंभीर परिचर्चा हुई, जिसका संचालन अजित आजाद ने किया। प्रमुख जाकी वक्ताओं में कमालानंद झा, डॉ. पन्ना झा एवं डॉ. फूलो पासवान शामिल थे। उपस्थित दर्शकों ने भी सवाल पूछे, जिनके वक्ताओं ने समुचित उत्तर दिए।
इसी सत्र में डॉ. तारानंद वियोगी की आलोचना पुस्तक ‘बहुवचन’ का लोकार्पण डॉ. नारायणजी ने किया, जबकि सुभाष चंद्र यादव के उपन्यास ‘गुलो’ का लोकार्पण डॉ. भीमनाथ झा ने किया।
चौथे सत्र में अनुवाद पर विशेष चर्चा की गई, जिसमें वैद्यनाथ झा, डॉ. इंदिरा झा और डॉ. नारायण झा शामिल थे। संचालन प्रदीप बिहारी ने किया।
इसके अलावा अन्य कार्यक्रम भी हुए। यह फेस्टिवल रविवार (14 फरवरी) तक चलेगा।
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