नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि उन्हें पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी दल को आने की इजाजत देने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
पाकिस्तान में मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी जांचकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना के हवाईअड्डे पर 2 जनवरी के आतंकवादी हमले को भारत ने ही अंजाम दिया था।
इस रिपोर्ट के बीच केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पाकिस्तान के बीच कोई ‘सौदा’ हुआ है।
आम आदमी पार्टी नेता ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “पूरा देश और सभी राजनीतिक दल पठानकोट हवाईअड्डे पर हुए हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम को आमंत्रित करने के विचार के खिलाफ हैं।”
केजरीवाल ने कहा, “सरकार ने स्वयं कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंकवादी हमले में शामिल है। तो, आईएसआई अपनी ही भूमिका की जांच स्वयं कैसे कर सकती है? प्रधानमंत्री को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने हर किसी को ‘भारत माता की जय’ बोलने के लिए कहने वाले आरएसएस-भाजपा के नेताओं पर चुटकी लेते हुए कहा, “वे हर किसी से भारत माता की जय बोलने को कहते रहते हैं और उन्होंने खुद भारत माता की पीठ में छुरा घोंप दिया।”
पिछले साल दिसंबर में लाहौर में मोदी की पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ से हुई मुलाकात पर चुटकी लेते हुए कहा, “मोदीजी, नवाज शरीफ से उनके जन्मदिन पर मिले। एक सप्ताह बाद (पठानकोट) हमला हो गया।”
उन्होंने कहा, “मोदीजी को बताना चाहिए कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ किस सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं। इस देश के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच क्या कुछ हुआ है।”
केजरीवाल ने कहा, “हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या सौदा हुआ है। उन लोगों को हमले की जांच के लिए बुलाने की क्या जरूरत थी, जिन्होंने खुद हवाईअड्डे पर हमला किया था?”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जांच टीम को जांच के लिए बुलाना विदेश नीति की विफलता है।
केजरीवाल ने कहा कि पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) को भारत आकर पठानकोट आतंकवादी हमले की जांच करने और देश की शीर्ष जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के साथ बातचीत की इजाजत देने के मोदी सरकार के फैसले को लेकर जनता में जबर्दस्त आक्रोश है।
उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने चुनाव रैलियों में धुआंदार भाषण देते हुए कहा था कि पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाना होगा और इस्लामाबाद को ‘प्रेमपत्र’ भेजने से कोई लाभ नहीं होगा।
केजरीवाल ने कहा, “तो अब क्या हो गया? हमारे प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के सामने घुटने क्यों टेक दिए? ऐसी कौन सी मजबूरी थी, जो उन्हें (मोदी) नवाज शरीफ को जन्मदिन की बधाई देने के लिए देश को बताए बिना पाकिस्तान जाना पड़ गया?”
उन्होंने भाजपा व आरएसएस से इस मसले पर मोदी से सवाल करने के लिए भी कहा।
उन्होंने कहा, “कोई भी देश से ऊपर नहीं है। अगर वे (भाजपा व आरएसएस) सच्चे देशभक्त हैं, तो उनहें मोदी से पूछना चाहिए कि उन्होंने पाकिस्तान के आगे घुटने क्यों टेक दिए?”
केजरीवाल ने मंगलवार सुबह एक ट्वीट में भी लिखा था, “भाजपा/आरएसएस भले ‘भारत माता की जय’ बोलते और बुलवाते रहते हैं, लेकिन उन्होंने आईएसआई को भारत में आमंत्रित कर भारत माता की पीठ में छुरा घोंपा है।”
केंद्र की भाजपा सरकार ने पाकिस्तान के जिस संयुक्त जांच दल (जेआईटी) को भारत आकर पठानकोट स्थित वायुसेना के हवाईअड्डे पर हुए आतंकवादी हमले की जांच करने की इजाजत दी थी, उसमें आईएसआई अधिकारी भी शामिल थे।
पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जेआईटी जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंची है कि दो जनवरी को हुए पठानकोट आतंकवादी हमले को खुद भारत ने ही अंजाम दिया था और उसने ऐसा ‘पाकिस्तान के खिलाफ दुष्प्रचार’ करने के लिए किया।
dharmpath.com dharmpath