पठानकोट (पंजाब), 2 जनवरी (आईएएनएस)। पंजाब के पठानकोट जिले में शनिवार तड़के भारतीय वायुसेना (भारतीय वायु सेना) के अड्डे पर आतंकवादियों ने अचानक हमला बोल दिया, जिसके बाद सुरक्षाबलों से उनकी भीषण मुठभेड़ हुई। इस दौरान कमांडो ने कम से कम चार आतंकवादियों को मार गिराया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हमला तड़के लगभग 3.30 बजे हुआ, जिसमें भारतीय वायु सेना के दो सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए।
चार आतंकवादियों के मारे जाने के बाद गोलीबारी हालांकि बंद हो गई, लेकिन गोलीबारी और ग्रेनेड की आवाजें सुबह 11.30 बजे एक बार फिर सुनी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि छिपे हुए एक या दो आतंकवादी और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ तब भी जारी थी।
भारतीय वायु सेना के सूत्रों ने कहा कि मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, मिसाइल तथा अन्य भारतीय वायु सेना के अन्य महत्वपूर्ण संसाधन सुरक्षित हैं और आतंकवादियों को तकनीकी इलाके के निकट नहीं घुसने दिया गया।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हमले पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि भारत किसी भी तरह के आतंकवादी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसका ‘करारा जवाब’ देगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हमले की निंदा की, जबकि कांग्रेस ने पंजाब में आतंकवादी हमलों में वृद्धि का जिक्र करते हुए इस पर सवाल उठाए।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “पिछले कुछ महीनों के दौरान पंजाब में आतंकवादी हमलों में अचानक इजाफा क्यों हो गया? राज्य में बीते 20 वर्षो से शांति थी।”
हमले की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्डस (एनएसजी) के कमांडो शुक्रवार शाम यहां पहुंचे। एनएसजी के कमांडो, भारतीय वायु सेना के गरूड कमांडो तथा सेना के कमांडो ने आतंकवादियों के खिलाफ हमलों का नेतृत्व किया। समझा जा रहा है कि वे आतंकी यहां से 30 किलोमीटर दूर सीमाई इलाके से घुसपैठ कर पहुंचे थे।
पंजाब पुलिस व उसके खास स्वात कमांडो की इकाई ने बाहरी घेरा बनाकर अभियान में मदद की, ताकि कोई भी आतंकवादी भाग नहीं सके।
खुफिया अधिकारियों ने कहा कि फिदायीन हमले में शामिल आतंकवादी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद (जेईएम) के सदस्य हो सकते हैं।
सैन्य सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और वायुसेना प्रमुख मार्शल अरुप राहा तथा अन्य अधिकारियों के संपर्क में है। पर्रिकर इस समय गोवा में हैं, लेकिन वह जल्द ही दिल्ली पहुंचेंगे।
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी नई दिल्ली से इस घटना पर नजर बनाए रखे हुए हैं।
भारतीय वायु सेना का अड्डा चंडीगढ़ से लगभग 250 किलोमीटर दूर है।
आतंकवादियों की संख्या चार से छह बताई जा रही है, जो भारतीय सेना की वर्दी में आए थे।
राजनाथ ने कहा कि भारत, पाकिस्तान सहित सभी देशों के साथ अच्छे और दोस्ताना संबंध चाहता है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है। हम शांति चाहते हैं, लेकिन भारत पर हुए किसी भी आतंकवादी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।”
पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस निदेशक (एडीजीपी) हरदीप सिंह ढिल्लन ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
एक सैन्य अधिकारी ने बताया, “हालांकि गोलीबारी खत्म हो गई है, लेकिन पूरे क्षेत्र की तलाशी ली जा रही है। एक आतंकवादी के छिपे होने और एक अलग इलाके में इंतजार करने की आशंका हमेशा रहती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र की तलाशी ली जा रही है।”
भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर सुरक्षाबलों के साथ मिलकर तलाशी अभियानों में लगे हुए हैं।
ऐसी खुफिया खबरें थीं कि आतंकवादी नए साल के आसपास क्षेत्र में रक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले कर सकते हैं।
सुरक्षाबलों ने पठानकोट-जम्मू राजमार्ग को भी हाई अलर्ट पर रखा है। भारतीय वायु सेना स्टेशन के आसपास के पूरे इलाके को बंद कर दिया गया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ जिले में हाई अलर्ट है और अच्छी तरह से जांच-पड़ताल के बाद ही वाहनों को पड़ोसी राज्य पंजाब से यहां प्रवेश करने दिया जा रहा है।”
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