पणजी, 3 सितम्बर (आईएएनएस)। घास-पात निकालने वाली नौका में क्षमता से अधिक सवारी चढ़ाकर लोगों की जान खतरे में डालने के कथित आरोप में व्यवहार न्यायालय ने शनिवार को पणजी के महापौर सुरेंद्र फुर्तादो के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। उक्त नौका इस साल जून महीने में डूब गई थी।
शहर के एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रथम श्रेणी की न्यायिक दंडाधिकारी पूजा कावलेकर ने यह निर्देश दिया।
वकील ने कहा कि फुर्तादो ने घास-पात निकालने वाली नौका में अधिक लोगों को चढ़ाकर उनकी जान खतरे में डाली। नौका पणजी के कम्पाल नाले में डूब गई थी। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था। नौका में महापौर, अधिकारीगण और मीडियाकर्मी सवार थे।
अधिवक्ता आयर्स रॉड्रिग्स ने संवाददाताओं से कहा, “अदालत ने पुलिस को भारतीय दंड संहिता की धारा 280 और 287 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।”
दुर्घटनाग्रस्त नौका का वीडियो ऑनलाइन वायरल हो गया था।
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