नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। भारत दौरे पर आईं पनाना की बहुपक्षीय मामलों एवं सहयोग की उपमंत्री मारिया लुइसा नावारे ने सोमवार को कहा कि पनामा सरकार भारत के साथ सहयोग करने को इच्छुक है और भारत जो सूचना मांगेगा, उसे मुहैया कराएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पनामा में कर चोरी अपराध नहीं है।
मारिया ने यहां एक बातचीत में कहा, मीडिया में पनामा पेपर्स का जो खुलासा हुआ, वे कागजात वास्तव में एक कानूनी फर्म से चुराए हुए थे। वह कंपनी 22 देशों में अपना काम करती है।
नावारे ने कहा, “हम लोग नकारात्मक छवि से प्रभावित हुए। लेकिन हमलोगों ने मुश्किल स्थिति को अपनी स्थिति को बताने के लिए एक अवसर में बदलने की कोशिश की।”
उन्होंने कहा कि उनके देश ने पिछले दो दशक में वित्तीय सेवा को पारदर्शी बनाने के लिए 16 कानूनी उपाय किए हैं।
नावारे यहां मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा, हमारे देश में कर वंचना अपराध नहीं है, और भी कई देशों में यही प्रचलन है।
हालांकि उन्होंने कहा कि पनामा के नागरिक और विदेशी जो वहां रहते हैं और व्यापार करते हैं, वे 35 फीसदी तक कर देते हैं।
dharmpath.com dharmpath