गुड़गांव, 8 मार्च (आईएएनएस)। सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) में सुधार की जरूरत बताते हुए केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि पीपीपी परियोजनाओं में देरी होने पर सिर्फ निजी पक्ष को ही दंडित नहीं किया जाना चाहिए।
गोयल ने यहां ‘हैपनिंग हरियाणा वैश्विक निवेशक सम्मेलन’ में कहा, “हम जो भी ढांचा बनाएं, उसमें निजी क्षेत्र और दूसरे पक्ष दोनों के लिए दंड की व्यवस्था हो। यह नहीं भूलना चाहिए कि किसी भी परियोजना की सफलता के लिए उपभोक्ता सेवा देने में देरी नहीं होनी चाहिए।”
गोयल ने कहा, “यदि हम चाहते हैं कि देश का विकास की गति हमारी हमारी चाहत के अनुरूप हो और 2022 तक लोगों की बुनियादी जरूरत पूरी हो जाए, तो पीपीपी मॉडल को नकारा नहीं जा सकता है। यह अवसंरचना क्षेत्र में विकास का इंजन होगा और हमें एक सही नियामकीय ढांचा बनाना होगा, जो सरल और उम्मीदों के अनुरूप हो।”
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