नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को उन आलोचनाओं को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार पशुओं के मामले में राज्य सरकार के अधिकार का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि इसमें पशुओं के वध से संबंधित कुछ भी नहीं है, क्योंकि यह राज्यों के कानून का विषय है।
जेटली ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “इसमें (केंद्र सरकार की अधिसूचना) कानून के बारे में कुछ नहीं है। यह किसानों के बाजार के बारे में है। इसका मतलब पशुवध का बाजार नहीं है। यह राज्यों के कानून से नियंत्रित होता है।”
उन्होंने केरल और पश्चिम बंगाल समेत तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में यह बाते कही। इन राज्यों ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के पशु व्यापार संबंधी उस आदेश पर सफाई मांगी थी, जिसमें कहा गया था कि पशुओं का वध के लिए व्यापार नहीं किया जा सकता।
जेटली ने कहा कि संविधान में एक प्रावधान है। निर्देशक सिद्धांत के अनुच्छेद 48 के तहत जिसमें कहा गया है कि कुछ श्रेणी के पशुओं का संरक्षण किया जाना चाहिए।
पर्यावरण मंत्रालय ने 23 मई को यह अधिसूचना जारी की थी, जिसमें देश भर में पशु बाजारों में गाय और भैंस का वध के लिए व्यापार प्रतिबंधित कर दिया था। इसका विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में कड़ा विरोध हो रहा है।
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