पश्चिमी सिनेमा विविधता को प्रतिबिंबित नहीं करता : मीरा

नई दिल्ली, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। फिल्मकार व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मीरा नायर पश्चिमी सिनेमा द्वारा बड़े पर्दे पर दुनिया की विविधता को प्रतिबिंबित नहीं किए जाने को हैरान करने वाला मानती हैं।

नई दिल्ली, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। फिल्मकार व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मीरा नायर पश्चिमी सिनेमा द्वारा बड़े पर्दे पर दुनिया की विविधता को प्रतिबिंबित नहीं किए जाने को हैरान करने वाला मानती हैं।

डिज्नी द्वारा निर्मित मीरा नायर की फिल्म ‘क्वीन ऑफ कटवे’ भारत में सात अक्टूबर को रिलीज हो रही है। यह युगांडा की 11 साल की लड़की फियोना मुतेसी की कहानी है, जो छोटे स्तर से विश्व स्तर तक की शतरंज खिलाड़ी बनने का सफर तय करती है। फिल्म में ऑस्कर विजेता अभिनेत्री लूपिटा न्योंगो हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या यह बड़ी तस्वीर प्रतिभा या कहानी को खत्म करके रंग को बहाल करने के लिए हैं, तो उन्होंने इस बात को तुरंत खारिज कर दिया।

नायर ने न्यूयॉर्क से फोन पर हुए साक्षात्कार में आईएएनएस को बताया, “मुझे नहीं लगता कि यह प्रतिभा से ज्यादा रंग के बारे में है। हमें लंबे समय से मुख्यधारा उद्योग में हाशिए पर कर दिया गया है। यह हैरानीभरा है कि स्क्रीन(पर्दा) जैसी दुनिया है और दुनिया की विविधता को नहीं प्रतिबिंबित करता है। दुनिया जैसी दिखती है, वैसा ही उसे पर्दे पर दिखाया जाना चाहिए।”

इसके पहले नायर की फिल्म ‘सलाम बांबे’ विदेशी भाषा श्रेणी में ऑस्कर के लिए नामांकित हो चुकी है।

‘सलाम बांबे’ और ‘मानसून वेडिंग’ जैसी फिल्में बना चुकीं नायर (58) का कहना है कि ‘क्वीन ऑफ कटवे’ लोगों को हंसने, रोने और झूमने पर मजबूर कर देगी।

फिल्मकार का कहना है कि यह फिल्म संदेश देती है कि प्रतिभाशाली शख्सियत हर जगह हैं, उसे बस तलाश कर पोषित करने की आवश्यकता है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493