कोलकाता, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में एक नगरपालिका ने पेड़ों को पहचान पत्र देने का काम शुरू किया है। यह शायद पहला उदाहरण है, जब देश में पेड़ों को पहचान पत्र दिया जा रहा है। इसका मकसद जलवायु परिवर्तन के खतरों के प्रति लोगों को आगाह और शिक्षित करना है। यह बताना है कि पेड़ और इनकी हरियाली का जीवन के लिए कितना महत्व है।
हुगली जिले के कोननगर में कार्बन डाईआक्साइड को अवशोषित करने वाले 28 पेड़ों की प्रजातियों का खाका तैयार किया गया है।
इन प्रजातियों के करीब 3000 पेड़ों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। इनमें पेड़ों के स्थानीय नाम, वैज्ञानिक नाम, भौगोलिक दिशा और कार्बन डाईआक्साइड को अवशोषित करने की इनकी क्षमता का वर्णन होगा। इससे लोग समझ सकेंगे कार्बन डाईआक्साइड जैसी गैस को अपने में समा कर ये पेड़ पर्यावरण संरक्षण का कितना बड़ा काम कर रहे हैं।
कोननगर नगरपालिका के अध्यक्ष बप्पादित्य चटर्जी ने आईएएनएस को बताया, “पहचान पत्र पेड़ों पर लटकाए जाएंगे। ऐसे में बच्चे हर प्रजाति का अलग-अलग महत्व समझ सकेंगे। हम जितना संभव होगा, उतने पेड़ों को इसमें शामिल करेंगे।”
चटर्जी ने कहा कि इन पेड़ों में नीम, पीपल, कृष्णचूड़ा जैसे पेड़ शामिल हैं। इनका डाटाबेस बनाया जा रहा है जिसे जल्द ही ऑनलाइन किया जाएगा।
इस अभियान की अगुवाई वैज्ञानिक अभिजीत मित्रा कर रहे हैं।
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