कोलकाता, 15 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में हुगली नदी में नौका पलटने से पांच लोग लापता हो गए हैं।
पुलिस ने रविवार को बताया कि स्थानीय लोगों ने बचाव कार्यो में देरी का आरोप लगाते हुए हिसक प्रदर्शन किए।
हुगली में शनिवार रात नौका के पलटने से यह हादसा हुआ। नौका में क्षमता से अधिक लोग सवार थे।
पहले पुलिस ने बताया था कि हादसे में 20 लोग लापता हुए हैं। लेकिन, बाद में बर्दवान के पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने केवल पांच लोगों के लापता होने की बात कही।
वहीं, स्थानीय लोगों ने इन आंकड़ों को गलत करार देते हुए कहा कि लापता लोगों की संख्या 50 से अधिक है।
एक व्यक्ति ने बताया, “नौका में 100 से अधिक लोग सवार थे, जिनमें कई बच्चे भी थे। नौका रात में लगभग 11 बजे पलट गई, लेकिन पुलिस सुबह घटनास्थल पर पहुंची। काफी लोग लापता हैं।”
पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने कहा कि गोताखोरों को काम में लगाया गया है। बचाव एवं खोज अभियान जारी हैं।
बर्दवान के काल्ना घाट से नदिया जिले के शांतिपुर जा रही नौका शनिवार रात हुगली नदी में पलट गई।
स्थानीय प्रशासन द्वारा बचाव कार्य शुरू करने में देरी की वजह से नाराज लोगों ने शांतिपुर और काल्ना घाट पर कई नौकाओं में आग लगा दी।
शांतिघाट पर खोज एवं बचाव अभियान के लिए आए पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, जिसमें दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
नदिया के पुलिस निरीक्षक एस.आर.झाझरिया ने कहा, “हमें भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। अब स्थिति नियंत्रण में है।”
उन्होंने कहा, “अभी तक किसी का भी शव बरामद नहीं हुआ है। हम लापता लोगों की सही संख्या का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।”
पुलिस अधिकारी ने बचाव कार्यो में जान बूझकर देरी करने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वे बचाव अभियान शुरू करने के लिए आपदा प्रबंधन समूह के कर्मियों के आने का इंतजार कर रहे थे।
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री व तृणमूल कांग्रेस के विधायक स्वप्न देबनाथ ने बचाव कार्यो में देरी की बात को गलत बताया।
देबनाथ ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, “इस हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई लोगों को बचा लिया गया है। कुछ लोग अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि के आधार पर गलत आरोप लगा रहे हैं।”
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