कोलकाता, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में चुनाव के बाद हुई हिंसा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं की मौत हो गई।
पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि गुरुवार रात खान्दघोष के करीब लोधना गांव में घटना उस वक्त हुई, जब शेख फजल हक व दुखीराम दल चुनाव ड्यूटी कर घर लौट रहे थे।
पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने कहा, “उन पर पिछली रात हथियारबंद लोगों ने हमला किया, जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।”
विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल शहर में एक अन्य मार्क्सवादी कार्यकर्ता ताहिदुल मंडल की हत्या कर दी गई थी।
माकपा ने आरोप लगाया है कि इन हत्याओं के पीछे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का हाथ है, हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने आरोप खारिज कर दिया है।
माकपा प्रदेश सचिव सूर्या कांत मिश्रा ने कहा, “हक व दुखीराम के बेटे हमारे पोलिंग एजेंट थे। उन्हें तृणमूल ने मार दिया। तृणमूल के हारने की हताशा जारी है।”
उन्होंने कहा, “तीन दिनों में हमारे कार्यकर्ताओं की जघन्य हत्याएं साबित करती हैं कि तृणमूल कितनी बेचैन हो उठी है। ये हत्याएं इसके सिर पर मंडराते हार के डर का नतीजा हैं।”
वहीं, खान्दघोष से तृणमूल नेता उत्तम सेनगुप्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोहरा हत्याकांड ‘माकपा की अंदरूनी गुटीय लड़ाई’ का परिणाम है।
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