इस्लामाबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान और चीन आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने यह बात मंगलवार को संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कही। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मान में दोनों सदनों का संयुक्त सत्र आहूत किया गया था।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के बाद शरीफ ने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ हमारा संयुक्त प्रयास अभी तक सफल रहा है, लेकिन हमें अपने प्रयासों को तेज करने की जरूरत है।
पाकिस्तान-चीन आर्थिक गलियारे के बारे में शरीफ ने कहा, “यह एक उत्प्रेरक परियोजना है, जिससे हमारे देशों में भौगोलिक-आर्थिक क्षेत्रों को जोड़ने में मदद मिलेगी।”
उन्होंने कहा, “इस गलियारे से दोनों साझेदारों को फायदा पहुंचेगा, जिसमें किसी को खतरा नहीं होगा और सभी को फायदा होगा।”
शरीफ ने कहा कि दोनों देशों के युवा उद्यमियों, अकादमियों, मीडियाकर्मियों, शिक्षकों और पेशवर अपनी मित्रता को जारी रखेंगे और इसे अधिक उपयोगी बनाएंगे।
शरीफ के पहले संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए शी ने पाकिस्तान को चीन का भरोसेमंद मित्र करार दिया और जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध आपसी विश्वास व समर्थन पर अधारित हैं।
पाकिस्तान दौरे पर आए शी जिनपिंग ने कहा, “जैसे ही मैंने यहां की खूबसूरत जमीन पर पैर रखे, मेरे साथी और मैं मित्रता के सागर में डूब गए। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मैं अपने भाई के घर लौट रहा हूं।”
संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए शी ने कहा, “इस्लामाबाद ऐसे समय में बीजिंग के साथ खड़ा रहा, जब चीन वैश्विक मंच पर अकेला था।
शी चीन के पहले राष्ट्रपति है, जिन्होंने पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। वह सोमवार को अपनी पहली पाकिस्तान यात्रा पर इस्लामाबाद पहुंचे थे।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और चीन के संघर्षो ने उनके मन और मस्तिष्क को एक साथ ला खड़ा किया है।”
उन्होंने कहा कि बीजिंग और इस्लामाबाद को एक-दूसरे का अभूतपूर्व सहयोग मिला है। दोनों ही देश जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं।
उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के समय भी एक-दूसरे को दी जाने वाली सहायता का उल्लेख किया।
उन्होंने पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि पाकिस्तान ने विपदा के समय अदम्य साहस का परिचय दिया है।
वहीं शरीफ ने पाकिस्तान आने के लिए शी का धन्यवाद किया और कहा, “आप दूर रहने वाले सिर्फ एक दोस्त ही नहीं हैं, बल्कि हमारे दिल के पास भी हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम हमेशा एक साथ रहने वाले दोस्त हैं। हम करीबी दोस्त, प्यारे भाई और विश्वस्त साझेदार हैं।”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सभी राजनीतिक पार्टियां चीन के साथ जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने “दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता की हमारी खोज” में पाकिस्तान के साथ चीन की एकजुटता की भी प्रशंसा की।
पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र में चीन की प्रथम महिला पेंग लियुआन, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, गवर्नरों, सैन्य प्रमुखों, राजनयिकों और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों ने भी हिस्सा लिया।
पाकिस्तान और चीन ने सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के 51 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। चीन के राष्ट्रपति 45 अरब डॉलर की निवेश योजना की भी घोषणा करेंगे, जिससे पाकिस्तान को अपने ऊर्जा संकट को समाप्त करने और स्वयं को क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र के रूप में बदलने में मदद मिल सकती है।
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