इस्लामाबाद, 12 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान में भारत के राजदूत टी.सी.ए. राघवन ने कहा है कि चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के जरिए हुए पाकिस्तान-चीन सहयोग से भारत परेशान नहीं है।
राघवन ने मंगलवार को लाहौर में कहा, “भारत, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के माध्यम से हुए पाकिस्तान-चीन सहयोग से परेशान नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की स्थिरता भारत के हित में है, जो क्षेत्रीय स्थिरता की मदद से अपना उच्च आर्थिक विकास हासिल करना चाहता है।”
समाचारपत्र ‘डॉन’ के अनुसार, राघवन ने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच विश्वास की कमी कश्मीर और शांति बनाए रखने जैसे अहम मुद्दों को हल करने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है।
राघवन ने पाकिस्तान विधायी विकास एवं पारदर्शिता संस्थान (पिलडैट) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि का सफलतापूवर्क जारी रहना मुख्य समस्याओं के सुलझने की संभावनाएं जाहिर करता है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम उल्लंघन जैसे मुख्य मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान का मौजूदा रुख कोई नई बात नहीं है।
राघवन ने भरोसा जताया कि दोनों देशों के नेता इन मतभेदों को दूर करने में समर्थ हैं।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद दोनों देशों के लिए केंद्रीय कारक है और पाकिस्तान में भारत के नजरिए को लेकर अधिक समझ होनी चाहिए।
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