पाठा के डकैतों के लिए 5 लाख का इनाम अभिशाप!

चित्रकूट (उप्र), 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। ‘मिनी चंबल’ के नाम से चर्चित बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में पाठा क्षेत्र के डकैतों के लिए पांच लाख रुपये का सरकारी इनाम किसी अभिशाप से कम नहीं रहा। दस्यु ददुआ, ठोकिया, रागिया और बलखड़िया पांच लाख रुपये का इनाम घोषित होने के बाद ही मारे गए। अब दस्यु बबली कोल के ऊपर उत्तर प्रदेश सरकार ने यही इनाम घोषित किया है।

चित्रकूट (उप्र), 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। ‘मिनी चंबल’ के नाम से चर्चित बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में पाठा क्षेत्र के डकैतों के लिए पांच लाख रुपये का सरकारी इनाम किसी अभिशाप से कम नहीं रहा। दस्यु ददुआ, ठोकिया, रागिया और बलखड़िया पांच लाख रुपये का इनाम घोषित होने के बाद ही मारे गए। अब दस्यु बबली कोल के ऊपर उत्तर प्रदेश सरकार ने यही इनाम घोषित किया है।

चित्रकूट जिले में पाठा क्षेत्र का जंगल मिनी चंबल के नाम से भी चर्चित है। यहां करीब तीन दशक तक दस्यु सरगना ददुआ की समानांतर सरकार चलती रही है। गांव पंचायतों से लेकर लोकसभा और विधानसभा के उम्मीदवार भी उसकी मर्जी से चुने जाते रहे हैं। दस्यु ददुआ से एक कदम आगे चलकर दस्यु ठोकिया ने साल 2007 के विधानसभा चुनाव में अपनी मां पियरिया को बांदा जिले की नरैनी सीट से राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के टिकट पर चुनाव लड़ाया था। वह बसपा के पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी से महज चार हजार मतों से हारी थीं। दस्यु ददुआ जुलाई 2007 में मारा गया, वहीं दस्यु ठोकिया अगस्त 2008 में मारा गया।

पाठा के इन दो दुर्दात डकैतों की मौत के बाद सुंदर पटेल उर्फ रागिया उभरा और मध्य प्रदेश पुलिस के हाथों मारा गया। फिर सुदेश पटेल उर्फ बलखड़िया ने कहर मचाना शुरू किया, लेकिन वह भी पांच लाख रुपये का इनाम घोषित होते ही मारा गया।

अब इस समय पाठा के जंगल में बबली कोल की बादशाहत चल रही है, उत्तर प्रदेश सरकार ने उस पर बुधवार को पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

बबली कोल को पुलिस ने पहली बार 2007 में दस्यु ठोकिया की मदद करने के आरोप में जेल भेजा था। बबली कोल के खिलाफ पहला हत्या का मुकदमा 2012 में दर्ज हुआ था, जब उसने टिकरिया गांव में एक ही परिवार के दो सदस्यों की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने अपने गांव के पूर्व प्रधान के परिवार के पांच सदस्यों की हत्या की, तब राज्य सरकार ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया।

अभी हाल ही में उसने डोड़ामाफी गांव के रामकरन यादव की दिनदहाड़े हत्या कर दी। इस समय उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती के 47 मुकदमे दर्ज हैं। वह मारकुंड़ी थाने के गांव डोड़ामाफी के मजरा कोलान सोसायटी का रहने वाला है। दस्यु ठोकिया, रागिया और बलखड़िया गैंगों में ‘शूटर’ माना जाता रहा है।

पाठा क्षेत्र के लोगों का मानना है कि पांच लाख रुपये का इनाम घोषित होने के बाद दस्यु बबली कोल की जिंदगी के कुछ दिन ही शेष बचे हैं। ददुआ, ठोकिया, रागिया और बलखड़िया भी पांच लाख रुपये के इनाम घोषित होने के बाद ही मारे गए थे। यानी यहां के डकैतों के लिए यह सरकारी इनाम अभिशाप है।

चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी का कहना है, “ददुआ, ठोकिया, रागिया और बलखड़िया भी ‘पंच लखिया’ (पांच लाख रुपये) घोषित होने पर ही मारे गए, अब बबली कोल भी शीघ्र मारा जाएगा।”

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