चेन्नई, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु ने तमिल नववर्ष ‘दुनमुकी’ का गुरुवार को पारंपरिक उत्साह से स्वागत किया। इस अवसर पर लोगों ने सुबह मंदिरों में जाकर दर्शन किए।
तमिल समुदाय के लोगों ने सुबह ‘पुथंडु वजथुक्कल’ (नववर्ष की बधाई) कह कर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को नव वर्ष की बधाई दी। तमिल नव वर्ष तमिल महीने ‘चिथिराई’ के पहले दिन मनाया जाता है, जो कि आमतौर पर हर साल 13-14 अप्रैल को होता है।
दक्षिणी चेन्नई के मयलापुर के निवासी जे. मुरलीधरन ने आईएएनएस से कहा, “हम सुबह जल्दी उठे और नजदीकी मंदिर में गए। तमिल नव वर्ष के कारण मंदिर में भारी भीड़ थी।”
इस शुभ अवसर पर घरों के प्रवेश द्वार को कोलम (रंगोली) से सजाया गया और दरवाजों की चौखटों पर आम के पत्तों की लड़ियां सजाई गईं।
यहां कपालीश्वरर मंदिर, श्री पार्थसारथी मंदिर और अन्य सभी प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। बड़े मंदिरों में नर्व वर्ष का पंचांग भी पढ़ा गया।
तमिल समुदाय के लोगों ने अपने घरों में वड़ा, पयस्सम (मीठा व्यंजन) और अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद उठाया।
इस मौके पर खास तौर पर छह प्रमुख मानवीय भावनाओं को दर्शाती चीजों- नीम के फूलों, गुड़, आम, हरी मिर्च, नमक और इमली के रस से बना खास व्यंजन ‘आम पचीडी’ बनाया गया।
श्रीलंका, मलेशिया और अन्य स्थानों पर बसे तमिलों ने भी तमिल नववर्ष का स्वागत किया।
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