भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शनिवार को जारी बयान में कहा, “पीटीसी इंडिया लिमिटेड की निजी क्षेत्र की पांच कंपनियों से हुए बिजली करार में उत्तर प्रदेश को 200 मेगावाट बिजली मिलना शुभ संकेत है। केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तर प्रदेश में पवन ऊर्जा 3.46 रुपये प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी।”
त्रिपाठी ने कहा, “उत्तर प्रदेश का अंधियारा दूर करने के लिए अभी कई प्रयास करने की जरूरत है। पिछले 15 वर्षो में बिजली को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा ठोस प्रयास नहीं किए गए। बिजली चोरों पर सरकार मेहरबान रही। वीवीआईपी संस्कृति के तहत बिजली वितरण में भेदभाव हुआ, जिसके कारण प्रदेश का औद्योगिक विकास अंधेरे में डूबता गया।”
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के गठन के बाद ‘पॉवर फार ऑल’ समझौते के बाद परिस्थितियों में तेजी से सुधार प्रारंभ हुआ है। प्रशासनिक कार्य संस्कृति में सुधार के साथ साथ बिजली आपूर्ति में भी सुधार दिखना शुरू हुआ है।
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