पुणे, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। पुणे में ‘बाजीराव मस्तानी’ के रिलीज पर जबरदस्त विरोध के कारण शुक्रवार को पांच शो रद्द कर दिए गए। फिल्म का विरोध भारतीय जनता पार्टी (भाजप) के कार्यकर्ताओं ने किया, जिनका कहना है कि फिल्म निर्माण के दौरान ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ किया गया और पेशवा को अपमानजनक तरीके से पेश किया गया है।
निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी शुक्रवार को देशभर में रिलीज की गई है।
पुणे के ‘सिटी प्राइड’ सिनेमाघर में सुबह आठ बजे नगर उपाध्यक्ष जयंत भावे के नेतृत्व में करीब 200 पार्टी कार्यकर्ता जमा हो गए और फिल्म के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन को देखते हुए मल्टीप्लेक्स सिनेमा को मजबूरन फिल्म के पांच शो रद्द करने पड़े।
भावे ने आईएएनएस को बताया, “इस फिल्म में पेशवा शासक काल के ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है जो उनकी गरिमा के खिलाफ है। महाराष्ट्र के लोग पेशवाओं की पूजा करते हैं और इस फिल्म में जो दिखाया गया है, उसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। “
भावे ने कहा, “पेशवा बाजीराव बहुत बड़ी ऐतिहासिक हस्ती थे। उन्होंने छत्रपति शिवाजी के साम्राज्य को देशभर में फैलाने में उनकी सहायता की। वह अपने कर्तव्यों में इतने व्यस्त थे कि कई बार युद्ध के दौरान घोड़े पर बैठकर भोजन किया करते थे।”
उन्होंने बताया, “बाजीराव के पास नृत्य करने और अपनी चोटी बांधने का समय ही नहीं था, जैसा कि फिल्म में दिखाया गया है। इसके अलावा उनकी पत्नी काशीबाई का किरदार निभाने वाली प्रियंका चोपड़ा का भी लुक उस दौर से अलग है।”
रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा अभिनीत यह फिल्म पेशवा बाजीराव और उनकी दोनों पत्नियों के जिंदगी पर आधारित है।
मुंबई में कुछ सप्ताह पहले पेशवा वंशजों ने भी फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने पर आपत्ति जताई थी।
भावे का कहना है कि या तो फिल्म निर्माता ऐसे दृश्यों को हटा दें या अपनी फिल्म का नाम बदलें।
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