उन्होंने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के संसदर्भ में कहा, “जैसे मटका लेने से पहले उसे ठोक-बजाकर देखते हो न, उसी तरह देश की सरकार भी ठोक-बजाकर पसंद करना।”
पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में लखनऊ के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग समागम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश के विकास के लिए किसी भी राजनीतिक पार्टी में तीन बाते होना आवश्यक है। पहला-पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र होना चाहिए, दूसरा-पार्टी में सिद्धांत होना चाहिए और तीसरा-पार्टी में सरकार में आने पर देश और प्रदेश के विकास की भावना होनी चाहिए।
पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की बात करते हुए शाह ने कहा, “जिस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र नहीं होता है, वह पार्टी घरानों तक सीमित हो जाती है। आज सिर्फ गिनी-चुनी पार्टियों में लोकतंत्र बचा है। भाजपा में लोकतंत्र होने का ही प्रमाण है कि आज पोस्टर चिपकाने वाला भाजपा जैसे दल का अध्यक्ष बनकर आपके सामने खड़ा है।”
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “जनसंघ और भाजपा का सिद्धांत यह है कि हम अपने देश का अपने पुरातन संस्कारों के सहारे पुन: निर्माण करना चाहते हैं। हम अंत्योदय के आधार पर देश को आगे बढ़ाना चाहते हैं।”
शाह ने कहा कि जो पार्टी सरकार में आती है और यदि देश और प्रदेश का विकास नहीं कर पाती तो उसे सरकार में लाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने भाजपा की सरकारों में विकास उदाहरण पेश करते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश, राजस्थान बीमारू प्रदेश की श्रेणी से बाहर आ चुके हैं।
उन्होंने कहा, “उज्ज्वला योजना के तहत केंद्र की मोदी सरकार ने पांच करोड़ लोगों के घरों तक गैस पहुंचाई है। देश में साढ़े चार करोड़ शौचालय बनवाए हैं। 29 करोड़ बैंक खाते खुलवाए हैं।”
सर्जिकल स्ट्राइक पर शाह ने कहा, “हमने दुनिया को बता दिया है कि हम सुरक्षा के प्रति सजग हैं। 104 उपग्रह एक साथ छोड़कर हमने दुनिया में एक अपना स्थान बनाया है। देश के कल्याण के लिए मोदी सरकार ने तीन साल में 106 योजनाएं लागू की हैं। यह सब भाजपा की सरकार ही कर सकती है।”
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