पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ जारी, 2 जवान घायल (लीड-3)

श्रीनगर, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले में सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान (जेकेईडीआई) की इमारत में घुसे भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों और सुरक्षा बलों की सुबह से चल रही मुठभेड़ अभी भी जारी है। मुठभेड़ में एक सैनिक व एक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि भारी हथियारों से लैस आतंकवादी जेकेईडीआई की सात मंजिला इमारत में घुस गए, जहां से उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी, जो 12 घंटे से जारी है।

कुल 70 कमरों वाली यह बहुमंजिला इमारत श्रीनगर से लगभग 12 किलोमीटर दूर झेलम नदी के किनारे स्थित है। मुठभेड़ में ज्वलनशील पदार्थो के इस्तेमाल की वजह से इमारत में आग लग गई है।

अधिकारियों ने कहा कि इमारत को चारों तरफ से घेर लिया गया है, ताकि आतंकवादी भागने में कामयाब न हो सकें।

सूर्यास्त होते ही सुरक्षाबलों ने इमारत परिसर में प्रकाश करने की व्यवस्था कर ली, ताकि आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न सकें। आतंकवादियों की संख्या की सही-सही जानकारी नहीं है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “सुरक्षाबलों ने इमारत को चारों ओर से घेर लिया है और आतंकवादियों के बचकर भाग निकलने के सभी मार्गो को सील कर दिया गया है।”

आतंकवादी अपने गोलाबारूद का इस्तेमाल काफी होशियारी के साथ कर रहे हैं, इसलिए सुरक्षा बल उन्हें अलग-अलग करने के लिए व्यापक पैमाने पर गोलीबारी कर रहे हैं।

सुरक्षाकर्मी लोगों को हताहत होने से बचाने के लिए पूरी इमारत पर धावा बोलने से परहेज कर रहे हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मारे जाने से बचने के लिए आतंकवादी बार-बार अपनी जगह बदल रहे हैं। उन्होंने कहा, “वे रुक-रुक कर गोलीबारी कर रहे हैं और इमारत में बार-बार जगह बदल रहे हैं।”

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के सही ठिकाने का पता लगाने के लिए रॉकेट दागे व लाइट मशीनगन का इस्तेमाल किया, ताकि मुठभेड़ को लंबा न खींचते हुए बड़ा हमला कर उन्हें खत्म किया जा सके।

आतंकवादियों की मौजूदगी का पता चलते ही सेना, राज्य पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसपीओ) तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने तत्काल संयुक्त अभियान शुरू किया।

इस दौरान, पैर में गोली लगने से एक जवान घायल हो गया। साथ ही एसपीओ का भी एक पुलिसकर्मी घायल हो गया है।

स्थानीय लोगों ने आईएएनएस को बताया कि आतंकवादी नदी की ओर से संस्थान परिसर में घुसे और हॉस्टल की इमारत पर कब्जा कर लिया।

हमले के समय इमारत परिसर में जेकेईडीआई के कुछ कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन इनमें से अधिकांश का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि आतंकवादी अंदर कैसे घुसे।

जेकेईडीआई कर्मचारी ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, “हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि क्या हुआ? हमने हॉस्टल की ऊपरी मंजिल से धुंआ उठते देखा और अग्निशमन दल और पुलिस को सूचित किया।”

उन्होंने कहा, “जब सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे तो आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं और अचानक सभी ओर से गोलियां चलनी शुरू हो गईं।”

संस्थान की मुख्य इमारत पर फरवरी में भी हमला हुआ था। उस समय भी आतंकवादियों ने इमारत में घुसकर सुरक्षाबलों पर हमले शुरू कर दिए थे।

उस समय आतंकवादियों के हमले में छह लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक नागरिक, तीन जवान और दो अर्धसैनिक जवान शामिल थे। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकवादियों को मार गिराया था।

संस्थान परिसर में तीन इमारतें हैं, जिसमें एक गेस्ट हाउस, एक हॉस्टल कॉम्प्लेक्स और मुख्य कार्यालय इमारत है। यह परिसर 3.5 एकड़ भूमि में फैला है।

जिस सड़क पर यह संस्थान स्थित है, वह न सिर्फ स्थानीय आपूर्ति के लिए जीवनरेखा है, बल्कि सेना पूरे साल इस रास्ते का इस्तेमाल श्रीनगर स्थित 15 कोर मुख्यालय तक पहुंचने के लिए करती है।

इलाके के चारों ओर एक सरकारी फैक्ट्री तथा उच्च सुरक्षा वाले रेडियो कश्मीर के मीडियम व शॉर्टवेव रेडियो ट्रांसमीटर के परिसर हैं।

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