अगरतला, 26 मार्च (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर भारत और इससे जुड़े देशों में संपर्क बेहतर करने के लिए 17 जलमार्ग परियोजनाएं शुरू की गई हैं। यह बात यहां पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास विभाग के केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कही।
सिंह ने कहा कि यह प्रस्तावित जल मार्ग पूर्वोत्तर के राज्यों में रेलवे, हवाई और सड़क मार्ग बनाए जा रहे हैं, उनके अलावा हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “भाजपा के नेतृत्ववाली केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के हिस्से के तौर पर पूर्वोत्तर के सभी क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाना प्राथमिकता में है।”
मंत्री ने कहा, “देश में सौ से अधिक जल मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। इनमें ऐसे 17 पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकसित करने की परियोजना बनी है। इस क्षेत्र में व्यापार और लोगों के आवागमन को बढ़ाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न संपर्क परियोजनाएं शुरू की गई हैं।”
परिवहन के लिए जलमार्गो को ईंधन बचत, कम खर्च और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है लेकिन सड़क और रेल मार्गो की तुलना में इसमें कम निवेश किया गया है।
इसी माह संसद से राष्ट्रीय जलमार्ग विधेयक, 2015 को पारित किया गया है। इसमें परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी संसद की स्थाई समिति की संस्तुति पर मौजूदा छह राष्ट्रीय जल मार्गो में 106 अंतर्देशीय जलमार्ग शामिल करने की योजना है।
केंद्रीय मंत्री सिंह ने यहां शनिवार को मुख्यमंत्री माणिक सरकार से मुलाकात की और भाजपा के मतदान केंद्र स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इन 17 परियोजनाओं में असम में ब्रह्मपुत्र नदी को बंगाल की खाड़ी से जोड़ने वाले जल मार्ग की भी एक-दो परियोजनाएं होंगी।
उन्होंने कहा, “उनके मंत्रालय ने केवल पूर्वोत्तर के लिए एक एयरलाइन्स शुरू करने के बारे में सोचा है जिसके विमान सिर्फ इसी क्षेत्र में उड़ान भरेंगे और देश के अन्य हिस्सों से भी जोड़ेंगे।”
उन्होंने कहा, “हालांकि, इसमें अभी कोई खास प्रगति नहीं हुई है लेकिन मेरे प्रयास इसके लिए जारी हैं। इस पर अध्ययन के लिए मेरे विभाग ओर नागरिक उड्डययन मंत्रालय की एक कमेटी गठित की गई है।”
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