नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पूर्वोत्तर में उद्यमिता को संपर्क की अड़चन के चलते बढ़ावा नहीं मिल रहा था। इसीलिए इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार सड़क और रेलवे नेटवर्क के विस्तार पर जोर दे रही है, जिसके चलते पूर्वोत्तर क्षेत्र के परिदृश्य में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पूर्वोत्तर में उद्यमिता को संपर्क की अड़चन के चलते बढ़ावा नहीं मिल रहा था। इसीलिए इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार सड़क और रेलवे नेटवर्क के विस्तार पर जोर दे रही है, जिसके चलते पूर्वोत्तर क्षेत्र के परिदृश्य में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।
उत्तर-पूर्व उद्योग एवं वाणिज्य फेडरेशन द्वारा आयोजित उत्तर पूर्व से आने वाले संसद सदस्यों के साथ बैठक में मंगलवार को जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद पूर्वोत्तर के दो राज्य मेघालय और अरुणाचल प्रदेश पहली बार भारत के रेलवे मानचित्र पर लाए गए।
साथ ही उन्होंने कहा बांग्लादेश के लिए अगरतल्ला से अखूरा तक रेलवे ट्रैक को बनाने के लिए पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय भारत की ओर से धन उपलब्ध कराएगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए अलग से उत्तर-पूर्व सड़क विकास योजना बनाई गई है। वस्तुओं और माल की कम कीमत में आवाजाही के लिए इस योजना को बनाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र से बंगाल की खाड़ी तक समुद्री परिवहन को बढावा दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री की स्टार्टअप इंडिया पहल को रेखांकित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर में उद्योग की अपार संभावनाओं का पता लगाने के लिए उद्योगपतियों और व्यापरिक समुदायों को आगे आने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बिना किसी देरी के इस क्षेत्र में जैविक खेती और खाद्यान उद्योग स्थापित किया जा सकता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने क्षेत्र में पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र को बढावा देने के लिए एफआईएनईआर सहित अन्य व्यापारिक संगठनों से जन-निजी भागीदारी से जुड़ने का आह्वान किया। पूर्वोत्तर क्षेत्र में फिल्म शूटिंग को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट को स्थापित करने को अपनी मंजूरी पहले ही दे दी है।
उन्होंने बताया कि यह संस्थान अरुणाचल प्रदेश में स्थापित की जाएगी। विभिन्न राजनीतिक दलों के पूर्वोत्तर के संसद सदस्यों ने इस बैठक में भाग लिया। भाग लेने वाले प्रमुख सदस्यों में भुवनेश्वर कलिताए पीडी राय, गौरव गगोई, सुष्मिता देब, आरपी शर्मा, डॉ. टी. मेनिया और टी. बेटई शामिल थे।
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