नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के पूर्व विधायक भरत सिंह की हत्या के संबंध में रविवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शनिवार को उत्तरी दिल्ली के अलीपुर इलाके से उदयवीर (40), सुनील प्रधान (25) और सूबे पहलवान को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के बवाना इलाके से 21 वर्षीय मोहित नागर को गिरफ्तार किया।
इसके बाद पंजाब पुलिस के पूर्व उपनिरीक्षक रमन गुरांग (43) को रविवार को इस मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया। गुरांग, उदयवीर के निजी सुरक्षाकर्मी के तौर पर काम कर रहा था।
भरत सिंह (38) और उनके दो सहयोगियों को 29 मार्च को पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान गोली मार दी गई थी। वे 2009 में इनेलो के टिकट पर विधायक बने थे।
भरत सिंह को दो से अधिक गोलियां लगी थीं और उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) रविंद्र यादव ने दावा किया कि उन्होंने पूर्व विधायक की हत्या का मामला सुलझा लिया है। उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत शत्रुता का मामला है।
यादव ने कहा, “हत्या नजफगढ़ इलाके में पारिवारिक झगड़े के कारण उपजी निजी दुश्मनी का नतीजा है। इस पूरे मामले की साजिश उदयवीर ने रची थी।”
उन्होंने कहा कि यह दुश्मनी 2002 में शुरू हुई थी, जब भरत सिंह के भाई किशन पहलवान ने उदयवीर के पिता सुरजामल, उसके भाई सुखबीर सिंह और उनके चाचा नारायण सिंह को हरियाणा के एक गांव में मार दिया था, जहां पर वे एक शादी समारोह में शरीक होने गए थे।
पुलिस ने कहा कि किशन पहलवान के खिलाफ दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
2009 में दोबारा उदयवीर ने तीन लोगों से तीन एकड़ जमीन खरीदी, जिन्हें सरकार ने वह जमीन दी थी।
किशन पहलवान को पता था कि इस जमीन को न तो खरीदा जा सकता है और न ही बेचा जा सकता है। उसने जमीन बेचने वाले तीन लोगों में से एक को उदयवीर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए उकसाया।
इसके बाद किशन पहलवान ने 2009 के विधानसभा चुनाव में उदयवीर का समर्थन मांगा। लेकिन उदयवीर ने समर्थन देने से इनकार कर दिया और विरोधी पार्टी को समर्थन दे दिया।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि किशन पहलवान और उसके परिवार से बदला लेने के लिए उदयवीर ने भरत सिंह पर 2012 में भी हमला किया था लेकिन उस समय वे उसे मारने में असफल रहे थे।
अधिकारी ने बताया कि उदयवीर ने 29 मार्च को भरत सिंह पर किए गए हमले में 10 लोगों की सहायता ली है।
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