नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को दिल्ली के पूर्व मंत्री संदीप कुमार को जमानत दे दी। कुमार को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जमानत देते हुए विशेष न्यायाधीश पूनम चौधरी ने कुमार को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही मूल्य की जमानत राशि जमा करने के निर्देश दिए। कुमार को अदालत में अपना पासपोर्ट भी जमा करने का आदेश दिया गया।
कुमार को गवाहों के प्रभावित नहीं करने और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने की भी हिदायत दी गई।
अदालत ने कुमार को मामले की जांच में सहयोग करने और जब कभी पुलिस को जरूरत हो तो जांच में शामिल होने का भी निर्देश दिया।
अपनी जमानत याचिका में कुमार ने कहा कि वह करीब दो महीने तक हिरासत में रहे, फिर भी मामले में जांच अभी अधूरी है।
उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से उनका व्यवहार अच्छा रहा और उन्होंने खुद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध किया था। पुलिस ने अदालत से कहा कि यदि उन्हें जमानत दी गई तो वे गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं।
कुमार को उत्तरी दिल्ली के सुल्तानपुरी पुलिस थाने में एक महिला द्वारा शिकायत दर्ज किए जाने के बाद 3 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। महिला, कुमार के साथ सेक्स वीडियो में दिखी थी।
कुमार पर भारतीय दंड संहिता के धारा 376 (दुष्कर्म करने) और 328 (जहर देकर मारने) के तहत मामला दर्ज किया गया।
आप विधायक पर सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 67-ए (यौन सामग्री के प्रकाशन या इलेक्ट्रॉनिक रूप में संचरण) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा था कि उसका कुमार ने सुल्तानपुरी इलाके के अपने कार्यालय पर यौन शोषण किया, जहां वह राशन कार्ड बनवाने के लिए गई थी।
पूर्व समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार को मामला सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। मामले के प्रकाश में आने के बाद संदीप कुमार को आम आदमी पार्टी सरकार से बर्खास्त कर दिया गया था।
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