नई दिल्ली, 4 मार्च (आईएएनएस)। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा का यहां शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे। उन्हें हृदयाघात हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके आकस्मिक निधन पर शोक जताते हुए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल हमेशा याद किया जाएगा।
संगमा ने 1996 से 1998 तक 11वीं लोकसभा की अध्यक्षता की। वह 1988 से 1990 तक मेघालय के मुख्यमंत्री भी रहे।
वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को संगमा के निधन के बाद सदन में शोक संदेश पढ़ा। सदन में दो मिनट का मौन भी रखा गया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा, “देश ने संगमा के निधन से एक चर्चित जनहस्ती और एक बहुआयामी व्यक्तित्व को खो दिया है।”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान में कहा कि ‘संगमा ने राजनीति में अपने दम पर मुकाम बनाया और पूर्वोत्तर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।’
उन्होंने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष के रूप में संगमा का कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है। उनके जमीन से जुड़े व्यक्तित्व और मिलनसार स्वभाव ने उन्हें कई लोगों का प्रिय बना दिया।”
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि ‘देश ने एक कद्दावर नेता और पूर्वोत्तर ने एक अहम आवाज खो दी है।’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा, “लोकसभा अध्यक्ष पी.ए.संगमा के आकस्मिक निधन से दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं शोकसंतप्त परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।”
संगमा का जन्म एक सितंबर, 1947 को मेघालय के चपाहती गांव में हुआ था। उन्होंने शिलांग के सेंट एंथनी कॉलेज से स्नातक की शिक्षा ली और उसके बाद असम के डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में स्नातकोत्तर की डिग्री ली। उसके बाद विधि में भी डिग्री ली।
उनके परिवार में पत्नी, बेटी अगाथा और दो बेटे हैं।
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