नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को अवमानना के आरोप में गुरुग्राम के दो चिकित्सकों पर 1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने यह जुर्माना हत्या के आरोपी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के पूर्व विधायक बलबीर सिंह को बिना किसी वजह के अस्पताल में भर्ती रखने के आरोप में लगाया है, जिनकी जमानत न्यायालय ने साल 2013 में रद्द कर दी थी।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम.खानविलकर तथा न्यायमूर्ति मोहन एम.शांतानागौदार की एक पीठ ने दोनों चिकित्सकों- मुनीश प्रभाकर तथा के.एस.सचदेवा- को 30 जून तक सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री में 70-70 लाख रुपये की रकम जमा करने का निर्देश दिया है।
जमानत रद्द होने के बाद हरियाणा पुलिस गुरुग्राम स्थित डॉ.सचदेवा के क्लीनिक पर बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान को हिरासत में लेने के लिए पहुंची थी, लेकिन अस्पताल अधिकारियों ने उन्हें डिस्चार्ज करने से मना कर दिया।
इसके बाद अस्पताल ने कहा कि इनेलो के पूर्व विधायक स्वस्थ हैं और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा सकता है, लेकिन फिर भी उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया गया।
बलबीर सिंह को निजी अस्पताल में तीन विभिन्न मौकों पर कुल 527 दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती रखा गया। पहली बार 15 नवंबर, 2013 को, दूसरी बार एक मई, 2015 को तथा तीसरी बार 24 अक्टूबर, 2013 को भर्ती किया गया।
सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब तथा हरियाणा उच्च न्यायालय के 11 फरवरी, 2013 के आदेश को सुरक्षित रख लिया था, जिसमें बलबीर सिंह को जमानत दी गई थी।
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