पूर्व सैन्य अधिकारी के पुत्र का 2008 के आतंकी हमलों से संबंध : पारसेकर

पणजी, 21 मार्च (आईएएनएस)। गोवा पुलिस ने कहा है कि राज्य के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा गिरफ्तार चार्टर्ड अकाउंटेंट समीर सरदाना (45) का कथित संबंध भारत में वर्ष 2008 में हुए आतंकी हमलों से है। सरदाना एक पूर्व सैन्य अधिकारी का बेटा है। गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने गोवा विधानसभा में यह जानकारी दी है।

पारसेकर ने विधानसभा के हाल में समाप्त हुए मानसून सत्र के दौरान एक प्रश्न के लिखित जवाब में पुलिस जांच रिपोर्ट के सारांश के हवाले से यह बात कही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के सेवानिवृत्त मेजर जनरल के पुत्र सरदाना की 35 मेल आईडी हैं जिनमें से जांच एजेंसी अब तक केवल छह की जांच कर पाई हैं।

पारसेकर ने पिछले हफ्ते विधानसभा को बताया था कि सरदाना की पहले किसी आतंकी हमले में संलिप्तता का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उसके पास से एक ऐसा पत्र बरामद हुआ है जिससे वर्ष 2008 में देश में हुए आतंकी हमलों में उसकी संलिप्तता के संकेत मिलते हैं।

विपक्ष के एक विधायक के सवाल के लिखित जवाब में पारसेकर ने 2008 की आतंकी घटनाओं के बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा।

पुलिस का दावा है कि सरदाना ने विदेश में बहुराष्ट्रीय कंपनियों में सलाहकार के रूप में काम किया है। रेलवे पुलिस ने पहली फरवरी को उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर खबर दी, जिस पर एटीएस ने उसे पणजी से 35 किलोमीटर दूर वास्को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।

एटीएस का दावा है कि उसके पास से चार मोबाइल फोन, छह पासपोर्ट, 23 सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया है। लैपटॉप में देश में पहले हुए बम विस्फोटों से जुड़े डाटा और बम बनाने के बारे में जानकारियां डाउनलोड की गई हैं।

पुलिस ने कहा कि सरदाना ने दूसरों को जिस तरह से डाटा भेजे हैं, उसे आसानी से नहीं समझा जा सकता है और इसके लिए तकनीकी सहायता मांगी गई है।

पारसेकर ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस के विशेष कार्य बल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से आग्रह किया गया है कि वह सरदाना की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे।

गत 11 फरवरी को जमानत पर रिहा होने के बाद आईएएनएस से बात करते हुए सरदाना ने सभी आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि इस्लाम में रुचि होने की वजह से पुलिस उसे परेशान कर रही है।

सरदाना ने कहा था, “(मुझ पर) शारीरिक जुल्म हुआ, नस्ली टिप्पणियां की गईं। उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं क्यों मुसलमान बनना चाहता हूं? इस्लाम में क्या देख लिया? उन्होंने गाली-गलौच की। उन्होंने (पुलिस ने) कहा कि मैंने इस्लाम धर्म अपना लिया है..जबकि ऐसा नहीं है। मैं इस्लाम का सिर्फ एक छात्र हूं…इसके तत्वमीमांसा का और ऐसी ही अन्य बातों का।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493