पेटलावद विस्फोट का मुख्य आरोपी कासवा मर चुका : डीएनए रिपोर्ट

झाबुआ, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद कस्बे में इसी वर्ष 12 सितंबर को जिलेटिन छड़ों के गोदाम में हुए भीषण विस्फोट का मुख्य आरोपी राजेंद्र कासवा भी विस्फोट में 79 लोगों के साथ मारा गया था, यह खुलासा डीएनए रिपोर्ट से हुआ है।

पेटलावद विस्फोट की जांच के लिए बनाए गए विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रमुख व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अलावा ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि विस्फोट में मारे गए एक अज्ञात व्यक्ति के अवशेष की डीएनए जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट आ गई है।

उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के डीएनए का राजेंद्र कासवा के परिजनों के डीएनए से मिलान किए जाने के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे पुष्टि हो गई कि राजेंद्र कासवा भी विस्फोट में मारा गया था।

पेटलावद के मुख्यमार्ग किनारे 12 सितंबर की सुबह चाय-नाश्ते की दुकान में एक सिलेंडर फटा, उसी समय उस दुकान से सटे जिलेटिन छड़ोंके गोदाम में जबरदस्त विस्फोट हुआ था। आसपास के कई मकान भी ढह गए थे। इस हादसे में कुल 79 लोग मारे गए थे और लगभग 70 लोग घायल हुए थे। वह गोदाम विस्फोटक सामग्री के विक्रेता राजेंद्र कासवा का था। इन विस्फोटकों का उपयोग खनन कार्य के लिए किया जाता था।

विस्फोटक की घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने राजेंद्र कासवा को मुख्य आरोपी मानते हुए उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई थी।

एसआईटी और झाबुआ पुलिस ने कासवा की धरपकड़ के लिए कई स्थानों पर दबिश दी थी, मगर कामयाबी नहीं मिली। कासवा के दो भाई अब भी जेल में हैं।

विस्फोट में मारे गए लोगों के शवों में से चार ऐसे थे, जिनको लेने कोई नहीं आया। पुलिस को आशंका थी कि कासवा भी विस्फोट में मारा गया है, लिहाजा कासवा के परिजनों के डीएनए से चारों शवों के डीएनए का मिलान कराया गया। इनमें से एक शव का डीएनए कासवा के परिजनों के डीएनए से मेल खाता पाया गया है।

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