नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा और उसके भाई हरदीप की हत्या में कथित रूप से शामिल नरेंद्र अहलावत को गुरुवार को जमानत देने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति पी. एस. तेजी ने अहलावत की जमानत देने से यह कहकर इनकार कर दिया कि उसके खिलाफ आरोप गंभीर हैं और ऐसी आशंका है कि यदि उसे जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
अहलावत, पोंटी चड्ढा के प्रबंधक के रूप में काम करता था। उसने चिकित्सकीय आधार पर जमानत देने की मांग की थी।
अदालत ने कहा कि अहलावत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सा बोर्ड की राय पर न्यायिक हिरासत में इलाज करा सकता है और उसे बाहर इलाज कराने के लिए जमानत पर रिहा करने की कोई जरूरत नहीं है।
अदालत ने कहा, “उसके खिलाफ आपराधिक षडयंत्र रचने और अन्य अपराधों के अलावा हत्या करने के मामले में भी आरोपपत्र दायर किया गया है। उसके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और ऐसी आशंका है कि वह अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित कर सकता है।”
पुलिस ने उसकी जमानत याचिका का विरोध किया था।
पोंटी चड्ढा और उनके भाई की दिल्ली के छतरपुर स्थिति फार्म हाउस में 17 नवंबर 2012 को संपत्ति विवाद में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
दिल्ली पुलिस ने दो आरोपपत्र दायर किए हैं और 21 लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पोंटी एवं हरदीप के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया गया था लेकिन दोनों भाइयों की गोलीबारी में मौत के बाद इसकी सुनवाई रोक दी गई।
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