प्रतिपूरक वनीकरण में राज्यों के साथ भेदभाव न हो : पटनायक

भुवनेश्वर, 11 जनवरी (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने सोमवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि प्रतिपूरक वनीकरण के मामले में राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और केंद्र के सार्वजनिक उपक्रमों में भेदभाव न किया जाए।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा है, “केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को दी गई विशेष सुविधा राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों को देना लाभदायी होगा, क्योंकि राज्य के सार्वजनिक उपक्रम भी राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों या उद्देश्यों को हासिल करने में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के समान ही महत्वपूर्ण हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के उपक्रमों को एक विशेष सुविधा/छूट दी गई है, जिसमें वन विहीन भूमि पर प्रतिपूरक वनीकरण की अनुमति दी गई है, और यह भू-क्षेत्र परियोजनाओं के लिए परिवर्तित की गई वन भूमि के क्षेत्रफल का दोगुना होता है।

पटनायक ने कहा कि लेकिन अन्य सभी मामलों में, जिसमें राज्य सरकार की परियोजनाएं और उसके उपक्रम शामिल होते हैं, प्रतिपूरक वनीकरण के लिए वन विहीन भू-क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति तभी होती है, जब मुख्य सचिव यह सत्यापित कर दे कि पूरे राज्य में उचित गैर वन भूमि उपलब्ध नहीं है।

पटनायक ने कहा कि राज्य सरकार और राज्य के सार्वजनिक उपक्रम प्रतिपूरक वनीकरण के लिए गैर वन भू-क्षेत्र की पहचान करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, खासतौर से उन जिलों में जहां बड़ी संख्या में खनन और औद्योगिक परियोजनाएं हैं।

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