सना, 11 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तरी यमन में स्थित एमएसएफ समर्थित एक अन्य अस्पताल को एक प्रक्षेपास्त्र से निशाना बनाया गया है। इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है और 10 अन्य घायल हो गए। अस्पताल की कई इमारतें ध्वस्त हो गई हैं।
एमएसएफ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि घायलों में तीन मेडिसिन सान्स फ्रंटियर्स (एमएसएफ) के कर्मचारी शामिल हैं।
घटनास्थल पर मौजूदा एमएसएफ कर्मियों के अनुसार, राजेह जिले में स्थित शियारा हॉस्पिटल को एक प्रक्षेपास्त्र से निशाना बनाया गया, जहां एमएसएफ नवंबर 2015 से काम कर रहा है।
एमएसएफ ने कहा कि हमला कहां से किया गया, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन उस समय अस्पताल के ऊपर विमानों को उड़ते हुए देखा गया था।
एमएसएफ ने कहा है कि कम से कम एक और प्रक्षेपास्त्र अस्पताल के पास गिरा। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है।
बयान में कहा गया है कि सभी कर्मियों और मरीजों को खाली करा लिया गया है और मरीजों को साडा स्थित अल गौमरी अस्पताल स्थानांतरित किया जा रहा है।
एमएसएफ संचालन निदेशक रकील अयोरा ने कहा, “संघर्षरत सभी पक्षों को उन चिकित्सा स्थलों के साथ समन्वय स्थापित करने वाले जीपीएस द्वारा नियमित तौर पर जानकारी दी जाती है, जहां एमएसएफ काम करता है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ लगातार संवाद बनाए हुए हैं कि वे संघर्ष के मानवीय परिणामों की गंभीरता को और चिकित्सा सेवाओं के प्रावधान का सम्मान करने की आवश्यकता को समझें।”
अयोरा ने कहा, “हवाई हमला या रॉकेट हमला करने की क्षमता रखने वाला हर पक्ष इस बात से वाकिफ है कि शियारा हॉस्पिटल महत्वपूर्ण सेवाएं मुहैया करा रहा है और इसे एमएसएफ से मदद प्राप्त है।”
उन्होंने कहा, “हम संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से दोबारा आग्रह करते हैं कि मरीजों और चिकित्सा केंद्रों का हर हाल में सम्मान किया जाए, क्योंकि अस्पतालों पर बमबारी अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है।”
पिछले तीन महीनों में एमएसएफ के किसी अस्पताल पर हुआ यह तीसरा गंभीर हमला है।
इससे पहले 27 अक्टूबर को हयदान हॉस्पिटल एसएलसी द्वारा किए गए हवाई हमले में नष्ट हो गया था। तीन दिसंबर को तईज स्थित एक स्वास्थ्य केंद्र को भी एसएलसी ने निशाना बनाया था, जिसमें नौ लोग घायल हो गए थे।
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